
Maharashtra Politics: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता और विधायक नवाब मलिक करीब डेढ़ साल बाद जेल से बाहर आ गए है। सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एनसीपी के वरिष्ठ नेता मलिक को दो महीने की जमानत दी है। शीर्ष कोर्ट ने उन्हें स्वास्थ्य आधार पर जमानत दी है। जेल से बाहर आते ही नवाब मलिक से एनसीपी के दोनों धड़ों ने संपर्क साधा है। लेकिन महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री रहे नवाब मलिक ने अपने पत्ते नहीं खोले है। इस बीच सुप्रिया सुले के बाद डिप्टी सीएम अजित पवार (Ajit Pawar) ने भी उनसे मुलाकात की है।
एनसीपी के बागी गुट का नेतृत्व कर रहे अजित पवार महाराष्ट्र सरकार में मंत्री दिलीप वलसे पाटिल और हसन मुश्रीफ के साथ बुधवार को नवाब मलिक से मिलने उनके आवास पहुंचे। शरद पवार के भतीजे अजित पवार की बगावत के बाद एनसीपी दो गुटों में बंट गई है। इससे पहले एनसीपी नेता सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल ने भी नवाब मलिक से मुलाकात की थी। यह भी पढ़े-महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नवाब मलिक की बेल का ईडी ने किया विरोध, कहा- जीने के लिए एक किडनी भी काफी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नवाब मलिक फिलहाल अपने इलाज पर ध्यान देंगे। कहा जा रहा है कि एक सप्ताह में वह अपनी भूमिका स्पष्ट कर सकते है। शरद पवार गुट के नेताओं ने भी मलिक से मुलाकत कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली हैं। नवाब मलिक अभी तक अपनी राजनीतिक भूमिका को लेकर अनिश्चित हैं। हालांकि सूत्रों के हवाले से पता चला है कि नवाब मलिक मूल एनसीपी यानी शरद पवार का समर्थन करेंगे।
काफी समय से नवाब मलिक की तबीयत ठीक नहीं है। उनका वजन 25 से 30 किलो कम हो गया है। उनके भाई कप्तान मलिक ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने को कहा है। उनका मुंबई के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास अघाडी सरकार (MVA) में अल्पसंख्यक विकास मंत्री का पद संभालने वाले नवाब मलिक को ईडी ने 23 फरवरी 2022 को गिरफ्तार किया था। ईडी ने नवाब मलिक की आठ संपत्तियों को जब्त कर लिया है। इनमें कुर्ला के गोवावाल कंपाउंड में नवाब मलिक की संपत्ति, धाराशिव में 147 एकड़ जमीन, मुंबई में 3 फ्लैट और दो आवासीय घर शामिल हैं। भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) और उसके सहयोगियों से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मलिक ईडी की जांच का सामना कर रहे है।