मुंबई

Shirdi: पत्नी की आखिरी इच्छा हुई पूरी, डॉक्टर पति ने बाबा के दरबार में चढ़ाया 40 लाख का सोने का मुकुट

Shirdi Sai Baba Temple Donation: साईं बाबा को आज जो मुकुट दान के रूप में मिला है, वह बहुत ही आकर्षक है। मुकुट हीरे से जड़ा हुआ है और इसमें सामने की तरफ मध्य में ओम लिखा हुआ है। मुकुट के ऊपरी हिस्से को मोरपंख की डिजाईन से सजाया गया है।
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Updated: 22 Jul 2022, 5:38 PM IST
Shirdi Sai Baba Gold Crown
शिरडी साईं बाबा को चढ़ाया 40 लाख का सोने का मुकुट

Shirdi Sai Baba News: शिरडी के साईं बाबा में आस्था रखने वाले देश-विदेश में करोड़ों श्रद्धालु हैं। साई बाबा के दरबार में मनोकामना पूरी होने पर भक्त हर साल करोड़ों का चढ़ाव चढ़ाते हैं। जिस वजह से साईं बाबा मंदिर को अक्सर सोने-चांदी के आभूषण दान में मिलते है।

साईं बाबा के दरबार में हर रोज आम जनता से लेकर वीआईपी भक्तों की कतार लगती हैं। सभी भक्त अपनी मनोकामना पूर्ण होने की कामना करते हैं। ऐसे ही एक भक्त डॉ. रामकृष्णा मांबा ने अपनी पत्नी की आखिरी इच्छा को पूरा करते हुए साईं बाबा के चरणों में लगभग 40 लाख रुपये मूल्य का 742 ग्राम वजन का सोने का मुकुट चढ़ाया। यह भी पढ़े-Maharashtra: जलेबी चाहे कितनी भी... पत्नी अमृता ने खास अंदाज में डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस को किया बर्थडे विश

आज दोपहर आरती में हैदराबाद के डॉ. रामकृष्ण मांबा और श्रीमती रत्ना मांबा के परिवार ने हिस्सा लिया और श्री साई समाधि के दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने 1992 में साईं बाबा से मांगी गयी मन्नत को पूरा करने के लिए लगभग 40 लाख रुपए मूल्य का 742 ग्राम वजन का सोने का मुकुट चढ़ाया।

साईं बाबा को आज जो मुकुट दान के रूप में मिला है, वह बहुत ही आकर्षक है। मुकुट हीरे से जड़ा हुआ है और इसमें सामने की तरफ मध्य में ओम लिखा हुआ है। मुकुट के ऊपरी हिस्से को मोरपंख की डिजाईन से सजाया गया है।

साईं भक्त डॉ. रामकृष्ण ने बताया कि वह साल 1992 में पत्नी के साथ साईबाबा के दर्शन करने शिरडी आए थे। उस दौरान उनकी पत्नी ने आरती के समय मुकुट चढ़ाते देखा। और तब उन्होंने भी बाबा को वैसा ही सोने का मुकुट चढ़ाने की इच्छा व्यक्त की थी। हालांकि तब आर्थिक हालात वैसे नहीं थे की पति-पत्नी साईबाबा को सोने का मुकुट दान कर सके।

इस बीच डॉ. रामकृष्ण की पत्नी का निधन हो गया। लेकिन पत्नी की अंतिम इच्छा ने उन्हें चैन से नहीं रहने दिया। वह अमेरिका में पैसा कमाने गए और फिर बड़ी रकम जुटाकर भारत आये और हैदराबाद में बाबा के लिए एक सोने का मुकुट बनवाया।

डॉ रामकृष्ण ने कहा, 'साईं बाबा की मर्जी के आगे कुछ भी नहीं है, आज 88 साल की उम्र में पत्नी की इच्छा पूरी कर बहुत खुश हूं। मैं उसकी मांग आज पूरी कर रहा हूं। यह दान मैं आज अपने दो पुत्रों और दो पुत्रियों के साथ बाबा के दरबार में दे रहा हूं।

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