मुंबई

शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को मिली जमानत, डॉक्टरों और नर्सों से मारपीट के मामले में हुए थे गिरफ्तार

Shiv Sena Corporator Bail: ठाणे के नगर निगम अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों से कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तार शिवसेना नेता रमेश म्हात्रे को अदालत से जमानत मिल गई है।
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Jul 14, 2026
patrika news
शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को मिली जमानत

Shiv Sena Corporator Bail: ठाणे कोर्ट ने शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को जमानत दे दी है। उन्हें डॉक्टरों और नर्सों से मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। यह पूरी घटना एक नगर निकाय अस्पताल में हुई थी। अब कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्हें बड़ी राहत मिल गई है।

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के डोंबिवली स्थित केडीएमसी (KDMC) के शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों से कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तार शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे ने अदालत में जमानत याचिका दाखिल की थी। अपनी याचिका में उन्होंने कहा है कि उनकी डॉक्टरों से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी और उन्होंने एक जनप्रतिनिधि के तौर पर अस्पताल पहुंचे नागरिक की मदद करने के उद्देश्य से हस्तक्षेप किया था। वहीं, उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी हवाला देते हुए बताया कि उनकी केवल एक ही किडनी है और वह हाई ब्लड प्रेशर सहित अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं।

इस मामले में कोर्ट की कार्रवाई और आगे के अपडेट के साथ तीन पैराग्राफ नीचे दिए गए हैं कि सोमवार को ठाणे पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की संवेदनशीलता को देखते हुए रमेश म्हात्रे और उनके तीन सहयोगियों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश करने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने पार्षद म्हात्रे समेत चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश जारी कर दिया। हिरासत के तुरंत बाद म्हात्रे के वकीलों की तरफ से कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दी गई, जिस पर अदालत ने संबंधित जांच अधिकारी को अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही जमानत याचिका पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। फिलहाल रमेश म्हात्रे को कोर्ट की तरफ से जमानत मिल गई है।

क्या था पूरा मामला ?

शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के पार्षद रमेश म्हात्रे का मामला डोंबिवली (ठाणे) के केडीएमसी (KDMC) संचालित शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों और चिकित्साकर्मियों के साथ की गई कथित मारपीट और बदसलूकी से जुड़ा हुआ है। दरअसल, इस घटना में, जब ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने एक नवजात और गर्भवती महिला के इलाज के दौरान एनआईसीयू (NICU) बेड खाली न होने के कारण परिवार को दूसरे बड़े अस्पताल में जाने की सलाह दी, तो विवाद बढ़ गया और म्हात्रे ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक महिला डॉक्टर का फोन छीनकर फेंक दिया और ऑन-ड्यूटी डॉक्टरों को थप्पड़-घूंसे मारे।

इस घटना का सीसीटीवी (CCTV) फुटेज वायरल होने और मेडिकल एसोसिएशन के भारी आक्रोश व विरोध प्रदर्शन के बाद, विष्णु नगर पुलिस ने उन्हें भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत 8 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर लिया। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस और न्यायिक हिरासत में रहने के बाद, आखिरकार 14 जुलाई 2026 को कल्याण कोर्ट से उन्हें 50,000 रुपए के कैश बॉन्ड पर जमानत मिल गई है।

Updated on:
14 Jul 2026 07:03 pm
Published on:
14 Jul 2026 06:38 pm