
आफताब पूनावाला को लेकर बड़ा खुलासा
Shraddha Walkar Case: श्रद्धा वॉकर हत्याकांड के आरोपी आफताब पूनावाला को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक फॉरेंसिक जांच में उसमें साइको और सोशियोपैथिक के लक्षण मिले हैं। उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं था। वह सिर्फ खुद को बचाने की कोशिश कर रहा था। इस बीच मामले की सुनवाई फिर टल गई है। आफताब की एमए परीक्षा के कारण कोर्ट ने 20 जुलाई की सुनवाई रद्द कर दी। श्रद्धा वॉकर की वकील अब मामले की जल्द सुनवाई की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट जाएंगी।
जांच सूत्रों के अनुसार, आफताब की मानसिक स्थिति और व्यक्तित्व को समझने के लिए अग्रेसिव टेंडेंसी स्केल, आइजेंक पर्सनालिटी टेस्ट, पिक्चर फ्रस्ट्रेशन टेस्ट और इमोशनल मैच्योरिटी टेस्ट सहित कई मनोवैज्ञानिक परीक्षण किए गए। इन परीक्षणों में सामने आया कि उसके व्यक्तित्व में दूसरों के प्रति सहानुभूति का पूरी तरह अभाव था और वह भावनात्मक रूप से अलग-थलग रहने वाला, बेहद शातिर और लोगों को हेरफेर करने में माहिर है। जांच के दौरान उसमें अपनी लाइव-इन पार्टनर श्रद्धा की बेरहमी से हत्या को लेकर किसी तरह का पछतावा या ग्लानि भी नहीं दिखी। उसका पूरा ध्यान केवल खुद को कानूनी कार्रवाई और सजा से बचाने के तरीकों पर केंद्रित था।
यह मामला मई 2022 का है, जब आफताब ने श्रद्धा वाकर की हत्या कर उसके शरीर के कई टुकड़े किए थे और उन्हें दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में फेंक दिया था। अब इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है। श्रद्धा के परिवार की वकील सीमा समृद्धि कुशवाहा ने आरोप लगाया है कि बचाव पक्ष (आफताब की तरफ से) जानबूझकर मुकदमे की सुनवाई में देरी कर रहा है। हाल ही में एक स्थानीय अदालत ने 20 जुलाई को होने वाली सुनवाई को रद्द कर दिया। वजह यह थी कि आफताब ने कोर्ट में आवेदन देकर कहा था कि उसी दिन तिहाड़ जेल के इग्नू (IGNOU) केंद्र पर उसकी एमए (समाजशास्त्र) की परीक्षा है।
वकील सीमा कुशवाहा ने कहा कि 'अदालत ने पहले 20 जुलाई से 27 जुलाई तक लगातार सुनवाई तय की थी। लेकिन आफताब के परीक्षा के बहाने के बाद कोर्ट ने 20 जुलाई की तारीख रद्द कर दी और हमें कोई अगली तारीख भी नहीं दी गई। ट्रायल में पहले ही काफी देरी हो चुकी है।'
Updated on:
14 Jul 2026 07:54 pm
Published on:
14 Jul 2026 06:57 pm
