मुंबई

शिवसेना का अभिजीत दीपके की CJP पर निशाना, कहा- युवाओं को ड्रामा नहीं, रोजगार और विजन चाहिए

CJP SIR Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने SIR के विरोध में आज शाम कोच्चि में प्रदर्शन का ऐलान किया है। इस पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने सीजेपी के संस्थापक और संयोजक पर निशाना साधा है।
3 min read
• •
Updated: 7 Nov 2026, 3:52 PM IST
shiv sena on Abhijeet Dipke
शिवसेना में CJP पर लगाया बड़ा आरोप (Photo: IANS/File)

Shiv Sena on Abhijeet Dipke CJP: केरल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ विरोध तेज होता दिखाई दे रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली के जंतर-मंतर के बाद अब केरल के कोच्चि में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। शनिवार को होने वाले इस प्रदर्शन को लेकर शिवसेना ने सीजेपी पर निशाना साधा है। शिंदे गुट की शिवसेना की प्रवक्ता नेता शाइना एनसी ने कहा कि देश के युवाओं को इस तरह का राजनीतिक ड्रामा या दिखावटी सक्रियता पसंद नहीं है। युवा रोजगार के लिए विजन और ठोस योजना चाहते हैं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

शिवसेना की राष्ट्रीय सचिव शाइना एनसी ने कहा कि सीजेपी एक बार फिर ड्रामा कर रही है। उन्होंने कहा, "CJP एक बार फिर से ड्रामा रच रही है। पहले वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर थे और अब कोच्चि पहुंच गए हैं। उनका स्वागत है, लेकिन बेहतर होता अगर वे अपने विजन और योजना के बारे में देश को बताते। इस देश का युवा इस तरह का राजनीतिक नाटक पसंद नहीं करता। युवाओं को विजन और नौकरियों के लिए ठोस योजना चाहिए ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।"

कोच्चि में 'जंतर-मंतर' जैसा प्रदर्शन करने की तैयारी

इससे पहले सीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर हाल ही में प्रदर्शन की घोषणा की थी। सीजेपी ने इस कार्यक्रम को 'जंतर-मंतर एट कोच्चि' नाम दिया है। यह प्रदर्शन आज शाम 4 बजे कोच्चि के राजेंद्र मैदान में आयोजित किया गया है।

इसमें सीजेपी के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके, दक्षिण क्षेत्र के प्रमुख विजय मल्लांगी और राष्ट्रीय सचिव आफरीन नवाज शामिल होंगे। CJP ने अपने अभियान के लिए 'लोकतंत्र बचाओ, SIR रद्द करो' का नारा दिया है। संगठन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया का विरोध कर रहा है।

दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए थे CJP के नेता

कोच्चि में होने वाला प्रदर्शन ऐसे समय में आयोजित किया जा रहा है, जब CJP के नेताओं के खिलाफ दिल्ली में हुए पिछले प्रदर्शन को लेकर पुलिस जांच जारी है।

13 अक्टूबर को CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और पार्टी के अन्य सदस्यों अशुतोष रंका तथा सौरव दास को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। आरोप था कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR प्रक्रिया के खिलाफ जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रदर्शन करने की कोशिश की थी।

इस घटना के बाद पुलिस ने कथित अतिक्रमण और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े नियमों के उल्लंघन के मामले में कार्रवाई की। अशुतोष रंका और सौरव दास को 21 अक्टूबर को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश के बाद रिहा किया गया था। अदालत ने दोनों को 50-50 हजार रुपये के निजी और जमानती मुचलके भरने तथा जांच पूरी होने तक शांति बनाए रखने की शर्तों का पालन करने का निर्देश दिया था।

क्राइम ब्रांच ने CJP नेताओं से की पूछताछ

दिल्ली में हुए प्रदर्शन के मामले में जांच का सिलसिला अभी जारी है। 5 नवंबर को CJP के नेताओं अशुतोष रंका और सौरव दास दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने पूछताछ के लिए पेश हुए।

पूछताछ के बाद रंका ने इसे सामान्य जांच प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि संगठन जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेगा। साथ ही उन्होंने शांतिपूर्ण राजनीतिक विरोध और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का भी बचाव किया।

रंका का कहना था कि जंतर-मंतर या सार्वजनिक सड़क पर राष्ट्रीय ध्वज दिखाना अपने आप में कोई आपराधिक गतिविधि नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी।

SIR के विरोध में विपक्षी दल भी उठा चुके हैं सवाल

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दल भी लगातार सवाल उठा रहे हैं। 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन के नेताओं ने इस प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के विरोध में रैली आयोजित की थी।

इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेता शामिल हुए थे।

रैली में राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कथित वोट चोरी का मुद्दा उठाया था। विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया से मतदाताओं के अधिकार और चुनावी भागीदारी प्रभावित हो सकती है। वहीं, निर्वाचन आयोग की ओर से इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और उसमें दर्ज जानकारियों का सत्यापन करना बताया गया है।

अब CJP ने दिल्ली से बाहर केरल में अपना विरोध अभियान आगे बढ़ाने का फैसला किया है। कोच्चि का यह प्रदर्शन संगठन की ओर से SIR के खिलाफ जनसमर्थन जुटाने की एक नई कोशिश माना जा रहा है।

Updated on:
7 Nov 2026, 3:52 PM IST
Published on: