Shiv Sena Uddhav Thackeray Mocks Cow Hug Day: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष किया और दावा किया कि अरबपति उद्योगपति गौतम अडानी प्रधानमंत्री के लिए ‘पवित्र गाय’ के समान हैं।
Saamana Editorial Today: प्यार का दिन कहे जाने वाले वैलेंटाइन डे (Valentine's Day) यानी 14 फरवरी के दिन ‘काउ हग डे’ सेलिब्रेट करने को लेकर नई बहस छिड़ गई है। इस बीच, शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट ने वेलेंटाइन डे के मौके पर 'काउ हग डे' मनाने की सरकार की अपील पर चुटकी ली है। हालांकि अब केंद्र सरकार के तहत आने वाले भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (Animal Welfare Board of India) ने 14 फरवरी को काउ हग डे मनाने की अपील वापस ले ली है।
शिवसेना (उद्धव गुट) ने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में ‘काउ हग डे’ का मजाक उड़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष किया और दावा किया कि अरबपति उद्योगपति गौतम अडानी प्रधानमंत्री के लिए ‘पवित्र गाय’ के समान हैं। इसमें कहा गया है कि अडाणी के खिलाफ संसद में विरोध के बावजूद, प्रधानमंत्री ने घोटाले पर एक भी शब्द नहीं बोला। यह भी पढ़े-वंदे भारत ट्रेन महाराष्ट्र में पर्यटन और आध्यात्मिकता को करेगी बूस्ट, मुंबई में बोले PM मोदी
'सामना' के संपादकीय में कहा गया है, ‘‘लोग अडाणी घोटाले पर पीएम मोदी से स्पष्टीकरण चाहते हैं, लेकिन मोदी सरकार ने फिर से लोगों को चुप रहने के लिए धर्म की एक खुराक दी है। मोदी ने संसद में अडाणी के बारे में बात नहीं की, लेकिन उनकी सरकार ने गायों पर बात की। अडाणी शेयर बाजार के ‘बिग बुल’ हैं, लेकिन मोदी के लिए वह एक ‘होली काऊ’ (पवित्र गाय) हैं।’’
उद्धव गुट ने संपादकीय में आरोप लगाया है कि इस साल कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं और लोकसभा चुनाव सिर्फ एक साल दूर हैं। ऐसे में मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार के पास विकास को लेकर दिखाने के लिए बहुत कुछ नहीं है, इसलिए वह राम मंदिर और गायों जैसे मुद्दों के नाम पर वोट मांग रही है।
'काउ हग डे' क्या है?
हाल ही में एनिमल वेलफेयर बोर्ड (एडब्ल्यूबीआई) ने लोगों से सकारात्मक ऊर्जा फैलाने और सामूहिक खुशी को प्रोत्साहित करने के लिए वेलेंटाइन डे को 'काउ हग डे' यानी गाय को गले लगाने के दिवस के रूप में मनाने की अपील की थी, लेकिन आलोचना होने के बाद शुक्रवार को इस अपील को एडब्ल्यूबीआई ने वापस ले लिया। हालांकि, बीजेपी के कुछ नेता और मंत्री खुलकर इस पहल का समर्थन कर रहे है, जबकि विरोधी दलों के नेता ‘मीम्स’ शेयर कर इसका मजाक बना रहे हैं।
ऐसे शुरू हुआ विवाद?
अमेरिका की वित्तीय शोध कंपनी ‘हिंडनबर्ग रिसर्च’ द्वारा गौतम अडाणी के नेतृत्व वाले समूह पर फर्जी लेनदेन और शेयर की कीमतों में हेरफेर सहित कई गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद समूह के शेयर की कीमतों में पिछले कुछ सप्ताह में भारी गिरावट आई है। हालांकि, अडाणी समूह ने ‘हिंडनबर्ग रिसर्च’ की रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। जबकि विपक्ष मोदी सरकार पर गौतम अडाणी को बचाने का आरोप लगा रही है।