श्रद्धा मर्डर केस में नया खुलासा हुआ हैं। पुलिस ने बताया कि इस साल मई में अपनी लिव इन पार्टनर श्रद्धा की नृशंस हत्या के मामले में आरोपित आफताब ने जून में महाराष्ट्र के पालघर जिले में अपने फ्लैट से 37 बक्सों में सामान दिल्ली भेजा था। इसके लिए 20 हजार रुपये का भुगतान भी किया था।
श्रद्धा वालकर हत्याकांड में पुलिस ने एक और बड़ा खुलासा किया है। सोमवार को पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस साल मई में अपनी लिव इन पार्टनर श्रद्धा वालकर की नृशंस मर्डर के मामले में आरोपित आफताब पूनावाला ने जून में महाराष्ट्र के पालघर जिले में अपने फ्लैट से 37 बक्सों में सामान दिल्ली भेजा था। इसके लिए आफताब ने 20 हजार रुपए का भुगतान भी किया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आफताब ने दिल्ली पुलिस को बताया था कि दिल्ली जाने से पहले वो और श्रद्धा इस बात को लेकर लड़े थे कि पालघर के वसई इलाके में उनके घर से सामान ले जाने के लिए कौन पेमेंट करेगा। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि वे पता लगाएंगे कि गुडलक पैकर्स एंड मूवर्स कंपनी के जरिए जून में फर्नीचर और बाकि के घरेलू सामानों के परिवहन के लिए 20 हजार रुपए का भुगतान करने के लिए किसके अकाउंट का इस्तेमाल किया गया था। यह भी पढ़े: Maharashtra News: उद्धव खेमे के नेता चंद्रकांत खैरे का विवादित बयान, दीपाली सैयद को कहा 'लिपस्टिक वाली बाई'
बता दें कि रविवार को दिल्ली पुलिस की एक टीम ने महाराष्ट्र के पालघर जिले में पैकेजिंग कंपनी के एक स्टाफ का बयान दर्ज किया। इसके बाद यह बात सामने आई कि आफताब पूनावाला ने जून में वसई के एवरशाइन शहर में व्हाइट हिल्स सोसाइटी में अपने फ्लैट से 37 बक्सों में सामान दिल्ली के छतरपुर में भेजा था। दिल्ली पुलिस की टीम पीड़िता के पैतृक स्थान वसई के मानिकपुर भी पहुंची। यहां दिल्ली में रहने से पहले श्रद्धा और आफताब ठहरे थे।
रविवार को ही पुलिस ने उस घर के मालिक का बयान भी दर्ज किया, जहां श्रद्धा और आफताब 2021 में रुके थे और मुंबई से सटे मीरा रोड इलाके में उस फ्लैट के मालिक का भी बयान दर्ज किया, जहां आफताब के परिवार के सदस्य एक पखवाड़े पहले तक रह रहे थे।
इस साल मई में दिल्ली में आफताब ने श्रद्धा (27) का कथित तौर पर मर्डर कर दिया था। मर्डर करने के बाद आफताब ने श्रद्धा के शरीर को 35 टुकड़ों में काट दिया और उन्हें कई दिनों तक अपने फ्लैट में फ्रिज में रखा। शनिवार को दिल्ली पुलिस की टीम ने पालघर में चार लोगों के बयान दर्ज किए, जिनमें दो पुरुष भी शामिल थे, जिससे श्रद्धा ने साल 2020 में आफताब द्वारा मारपीट किए जाने के बाद मदद मांगी थी।
बता दें कि दिल्ली पुलिस ने इस मामले में साक्ष्य की तलाश के लिए शुक्रवार को अपनी टीमें महाराष्ट्र, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश भेजीं थीं। मुंबई छोड़ने के बाद श्रद्धा और आफताब ने हिमाचल प्रदेश समेत कई जगहों पर गए थे।