मुंबई

पैदल गांव जा रहे 520 प्रवासी मजदूरों को मध्य प्रदेश सीमा तक छोड़ेंगी 20 एसटी बसें

लॉकडाउन (lockdown) की घोषणा के बाद डेढ़ महीने से मजदूरों के पास काम नहीं है। पैसे-पैसे के लिए मुहताज मजदूरों को भरपेट भोजन भी नहीं मिल पा रहा। यहां रोजाना बढ़ रही कोरोना (Corona) मरीजों की संख्या को देखते हुए भी प्रवासी मजदूर चिंतित हैं। पलायन के सिवाय उनके पास दूसरा कोई चारा नहीं है।

less than 1 minute read
May 11, 2020
पैदल गांव जा रहे 520 प्रवासी मजदूरों को मध्य प्रदेश सीमा तक छोड़ेंगी 20 एसटी बसें

भिवंडी. महाराष्ट्र सरकार के अनुरोध के बावजूद पावरलूम सिटी (Powerloom City) भिवंडी (Bhiwandi) से मजदूरों का पलायन जारी है। ट्रेन नहीं मिल रही तो मजदूर पैदल ही उत्तर प्रदेश (UP), बिहार (Bihar), मध्य प्रदेश (MP) की ओर रवाना हो रहे हैं। पैदल गांव के लिए निकले 520 मजदूरों के लिए रविवार को 20 एसटी बसों की व्यवस्था की गई। राज्य परिवहन निगम (ST) की बसें प्रवासी मजदूरों (migrant laborer's) को मध्य प्रदेश की सीमा पर छोड़ देंगी। इसके बाद यह मजदूर राम भरोसे हैं। भिवंडी पुलिस ने गांव की ओर पैदल रवाना हुए मजदूरों की एसटी बसों में बैठाया।

पुलिस उपायुक्त (DCP) राजकुमार शिंदे के मार्गदर्शन में भिवंडी पुलिस (Police) ने प्रवासी मजदूरों के आधार कार्ड के आधार पर बस से यात्रा करने वाले 520 मजदूरों की पात्रता तय की। मजदूरों को मास्क आदि चीजें मुहैया कराई गईं और आगे भी कोरोना वायरस से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) )का पालन करने की बात समझाई गई। प्रवासी मजदूरों ने पुलिस की प्रशंसा सहित भारत माता का जयकारा लगाते हुए यात्रा की शुरुआत की। यात्रा के समय प्रवासी मजदूरों के चेहरे पर चमक सहित अपने गांव पहुंचने की खुशी साफ झलक रही थी।

प्रवासियों से नहीं वसूला जाएगा किराया
मिली जानकारी अनुसार महाराष्ट्र (Maharashtra) परिवहन निगम की बसें प्रवासी मजदूरों को सेंदवा शिरपुर सीमा तक छोड़ेंगी। खास यह कि मजदूरों से किराया नहीं लिया जाएगा। भिवंडी के मानकोली नाका से 10 और राजोली नाका से 10 बसें सेंदवा शिरपुर के लिए रवाना की गईं।

Published on:
11 May 2020 12:31 am
Also Read
View All