
मुंबई. मुंबई महानगर में 11वीं की प्रवेश प्रक्रिया अभी तक जारी है। विलंब से शुरू होने वाले कॉलेज के छात्र पहले सेमेस्टर की परीक्षा और आधे समय में पाठ्क्रम पूरा करने की जद्दोजहद में जुटे हैं, वहीं इसका सीधा बोझ छात्रों और प्रोफेसरों पर पड़ेगा। वहीं प्रोफेसरों और छात्रों को एक महीने की छुट्टी भी नहीं मिलेगी, क्योंकि दीवाली से पहले छमाही परीक्षा पूरी होने की उम्मीद है। इससे छात्रों के लिए शिक्षा का नुकसान हो सकता है। 11वीं प्रवेश की ऑनलाइन शुरुआत के बाद से प्रवेश प्रक्रिया को पूरा करने में हर साल देरी होती है। इससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस साल की 11वीं की प्रवेश प्रक्रिया तीन दौर पूरी कर चुकी है और छात्र कॉलेज में दाखिला ले रहे हैं। वहीं कुछ नामी कॉलेजों में 70 प्रतिशत तक प्रवेश पूरे हो चुके हैं, जबकि 70 प्रतिशत से कम दाखिले के कारण अभी भी के कॉलेजों में पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है।
60 दिनों से भी कम का समय...
शैक्षणिक वर्ष में चार परीक्षाएं अपेक्षित हैं, लेकिन कॉलेज शुरू न होने के कारण प्रोफेसरों को चिंता सता रही है। जबकि अब तक छात्रों को एक परीक्षा होने की उम्मीद थी, लेकिन अब दीवाली से पहले एक छमाही परीक्षा होना तय माना जा रहा है। दरअसल, गणपति की छुट्टियां, रविवार और सरकारी छुट्टियां अधिक हैं, इसलिए प्रोफेसरों को कोर्स पूरा करने के लिए 60 दिनों से भी कम का समय मिलेगा।
जल्द पूरी हो प्रवेश प्रक्रिया...
कॉलेज देरी से शुरू होने पर शिक्षा उप निदेशक ने पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए अतिरिक्त घंटे लेने का सुझाव दिया है, जिसका पूरा तनाव प्रोफेसरों और छात्रों पर होगा। वहीं विज्ञान में प्रवेश करने वाले छात्रों को समय की कमी के कारण नुकसान होगा। इसलिए प्रोफेसरों की मांग है कि शिक्षा विभाग 11वीं की प्रवेश प्रक्रिया को जल्द पूरा करे।
कॉलेज स्तर पर लागू हो ऑनलाइन...
केंद्रीय ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा हर साल कॉलेज स्तर पर देरी से होती है। इसलिए छात्रों को शैक्षणिक वर्ष में नुकसान पहुंचाता है। छात्रों के नुकसान को रोकने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कॉलेज स्तर पर प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन लागू की जानी चाहिए।
- प्रा. शरद गिरमकर, अध्यक्ष, शिक्षक भारती