सुरों की मलिका आशा भोसले के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिग्गज गायिका के निधन पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि हमने संगीत जगत का एक चमकता सितारा खो दिया है।
Asha Bhosle death:महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिग्गज गायिका आशा भोसले के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। सीएम ने अपने शोक संदेश में आशा ताई के योगदान को भारतीय संगीत का अनमोल अध्याय बताया और घोषणा की कि उनका अंतिम संस्कार कल पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
आपको बता दें कि राज्य कैबिनेट मंत्री आशीष शेलार ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, 'आज पूरा देश और महाराष्ट्र एक युग के अंत पर शोक मना रहा है। उनका कार्य और उनका संगीत न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए खुशी का स्रोत था। कल सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक उनके चाहने वाले लोअर परेल स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन कर सकेंगे। शाम 4 बजे शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी जाएगी।'
डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि अत्यधिक उम्र के कारण मल्टी-ऑर्गन फेल्योर की स्थिति तब पैदा हुई जब संक्रमण (Infection) शरीर के अन्य हिस्सों में फैल गया, जिससे हृदय, फेफड़े और गुर्दे जैसे महत्वपूर्ण अंगों ने एक साथ काम करना बंद कर दिया। मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, 90 वर्ष से अधिक की आयु में सेप्सिस (Sepsis) का खतरा बढ़ जाता है, जो अंततः सडन कार्डियक अरेस्ट का कारण बना। अस्पताल द्वारा जारी बुलेटिन में बताया गया कि तमाम आपातकालीन चिकित्सा प्रयासों और लाइफ सपोर्ट सिस्टम के बावजूद, आशा ताई के शरीर ने उपचार पर प्रतिक्रिया देना बंद कर दिया था, जिसके बाद दोपहर करीब 12:55 बजे उनकी सांसें थम गईं।
आशा भोसले का पार्थिव शरीर सोमवार सुबह करीब 11 बजे उनके पेडर रोड स्थित आवास ‘कासा ग्रांडे’ पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, जहां परिवार, करीबी रिश्तेदार, फिल्म और संगीत जगत की हस्तियां तथा उनके प्रशंसक उन्हें श्रद्धांजलि दे सकेंगे। इसके बाद दोपहर में अंतिम यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होने की उम्मीद है। उनका अंतिम संस्कार सोमवार शाम करीब 4 बजे शिवाजी पार्क में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। इस दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए जाएंगे, ताकि अंतिम विदाई गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।