Vice President Election: सीपी राधाकृष्णन को एनडीए ने भारत के 15वें उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया था। उनकी बड़े अंतर से जीत हुई है। उन्हें 14-15 विपक्षी सांसदों का भी वोट मिलने का दावा किया जा रहा है, जिन्होंने क्रॉस-वोटिंग की।
एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन देश के 15वें उपराष्ट्रपति चुने गए हैं। मंगलवार को हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में उन्हें 452 मत प्राप्त हुए। उधर, विपक्षी इंडिया अलायंस की ओर से संयुक्त उम्मीदवार और पूर्व जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी को करारी शिकस्त मिली है। उन्हें 300 मत मिले। भाजपा नीत एनडीए के नेताओं ने दावा किया है कि विपक्ष के भी कई वोट उन्हें मिले है। बताया जा रहा है कि इंडिया गठबंधन में शामिल दलों के करीब 14-15 सांसदों ने क्रॉस-वोटिंग करते हुए राधाकृष्णन के पक्ष में वोट किया।
शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति चुनाव में मिली जीत पर बधाई दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “मैं सभी सांसदों का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को भारत का उपराष्ट्रपति चुनने के लिए मतदान किया। विशेष धन्यवाद इंडिया गठबंधन और महाविकास आघाड़ी (MVA) के हमारे मित्रों को, जिन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर एनडीए का समर्थन किया। कभी कभी अंतरात्मा पार्टी व्हिप से भी अधिक बुलंद होती है।“
शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे ने कहा, "क्या अंतरात्मा की आवाज सुनाई दी? भारत के उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में अंतरात्मा की आवाज सुनकर मतदान करने की अपील कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने की थी। लगता है ‘इंडी’ (INDI) गठबंधन के सांसदों ने सचमुच उनकी बात मान ली! अंतरात्मा की आवाज को मानते हुए उनमें से कई सांसदों ने अपनी पहली पसंद वोट NDA उम्मीदवार को ही दिया। पीएम मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर विश्वास ही असली अंतरात्मा की आवाज है, यह बात विरोधियों को देर से सही लेकिन समझ आने लगी है।“
उन्होंने आगे कहा, “देर आए, दुरुस्त आए...भारत के उपराष्ट्रपति पद पर 152 के प्रचंड मतों के अंतर से विजयी हुए एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन जी को हार्दिक शुभकामनाएं और एनडीए (NDA) को मतदान करने वाले इंडिया गठबंधन के सांसदों का दिल से आभार! जय हिंद, जय महाराष्ट्र।"
चुनाव आयोग के मुताबिक, उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए कुल वोटर संख्या 788 थी। इसमें 7 पद रिक्त रहने के कारण प्रभावी वोटर संख्या 781 रही। मंगलवार को हुए मतदान में 768 सांसदों ने वोट डाला, जबकि 13 सदस्य अनुपस्थित रहे। अनुपस्थित रहने वालों में बीआरएस के 4, बीजद के 7, शिरोमणि अकाली दल के 1 और एक निर्दलीय सांसद शामिल थे।