केईएम ( KEM Hospital ) और टाटा अस्पताल ( Tata Hospital ) के हैं मरीज, टाटा अस्पताल प्रशासन ( Administration ) कर रहा मदद ( Help ), मरीजों को कई मुसीबतों ( Troubles ) का सामना करने के अलावा उन्हें दर-दर भटकने ( Wandering ) के मजबूर होना पड़ रहा
मुंबई. जहांए एक ओर पूरा देश महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण से युद्ध स्तर पर काम कर रहा है। वहीं दूसरी ओर देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में बहुत ही दुखदाई घटना उजागर हुई है। दरअसल, मुंबई के दादर हिंदमाता ब्रिज के नीचे केईएम हॉस्पिटल और टाटा अस्पताल के मरीजों ने अपना डेरा जमाया हुआ है। इस पर भाजपा नेता किरीट सोमैया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, संक्रमण से ग्रसित अस्पतालों को क्वॉरेंटाइन किया जा रहा है, जिसके चलते सामान्य रोग के मरीजों को कई मुसीबतों का सामना करने के अलावा उन्हें दर-दर भटकने के मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं टाटा अस्पताल प्रशासन का कहना है कि पिछले हफते ही उनकी ओर से विभिन्न एनजीओ से संपर्क करके करीब 150 लोगों की रहने खाने की व्यवस्था की गई थी।
प्रशासन और महानगरपालिका नहीं दे रहे ध्यान...
वहीं भापजा नेता सोमैया का कहना है कुछ दिन पहले ही उन्होंने प्रशासन को आगाह किया था कि सभी हॉस्पिटल अगर सील कर दिए जाएंगे तो बहुत से सामान्य रोगियों को मुसीबत में डालने जैसा होगा। वहीं महानगरपालिका को भी चेताए जाने के बाद आज तक रोड पर पडे मरीजों पर किसी भी तरह का कोई एक्शन नहीं लिया गया है। आगे यह जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि कई बार चेतावनी के बाद भी आखिर कल सायन हॉस्पिटल के 40 कर्मचारियों को क्वॉरेंटाइन करना पड़ा। अगर यही पहले प्रशासन ने सायन के मुख्य गेट से लेकर अंदर प्रोटेक्टिव रूम तक सावधानी बरती होती, तो यह दिन न देखना पड़ता।
22-25 मरीजों की हो रही व्यवस्था...
अभी पिछले कुछ दिनों में ही सौकडों मरीजों के रहने खाने की व्यवस्था की गई थी। देश भर से आने वाले मरीजों के साथ उनके तीमरदार भी बडी संख्या में होेते हैं, जबकि रविवार को अस्पताल प्रशासन को भनक फिर लगी है और करीब 22-25 मरीजों की विभिन्न संगठनों के सहयोग से व्यवस्था की जा रही है।
- एसएच जाफरी, चीपीआरओ, टाटा हॉस्पिटल