
Diwali Video Controversy: अभिनेत्री दीया मिर्जा के दिवाली वीडियो को लेकर चल रहे विवाद पर AIMIM नेता वारिस पठान ने बीजेपी और मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदूषण और जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे को जानबूझकर सांप्रदायिक रंग दिया गया। वारिस पठान ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें BMC को दीया मिर्जा का हटाया गया वीडियो दोबारा अपलोड करने का निर्देश दिया गया है।
वारिस पठान ने कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद BMC आयुक्त ने पर्यावरण के अनुकूल दिवाली मनाने के लिए कई हस्तियों को अभियान से जुड़ने का निमंत्रण दिया था। इसके तहत दीया मिर्जा, माधुरी दीक्षित और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे ने वीडियो जारी कर लोगों से पटाखे न फोड़ने की अपील की थी।
वारिस पठान ने दावा किया कि मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने बाकी हस्तियों के वीडियो को छोड़कर केवल दीया मिर्जा को उनके सरनेम के आधार पर निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि BMC ने दीया मिर्जा का वीडियो तो हटा दिया, लेकिन माधुरी दीक्षित और अजिंक्य रहाणे के वीडियो को नहीं हटाया। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने अब BMC को दीया मिर्जा का वीडियो फिर से अपलोड करने का निर्देश दिया है। वारिस पठान ने अमित साटम और मेयर ऋतु तावड़े से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
AIMIM नेता ने आरोप लगाया कि अदालत के निर्देशों का अपमान किया गया और प्रदूषण जैसे जनस्वास्थ्य के मुद्दे को सांप्रदायिक रूप देकर नफरत फैलाने की कोशिश की गई। उन्होंने इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के लिए अदालत का आभार जताया।
दीया मिर्जा के दिवाली वीडियो को लेकर हुए विवाद पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और किसी भी व्यक्ति को उसके धर्म या जाति के आधार पर किसी त्योहार से जुड़े अभियान में भाग लेने से नहीं रोका जा सकता। जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की पीठ ने कहा कि दीया मिर्जा ने अदालत के निर्देशों के अनुरूप पर्यावरण और प्रदूषण के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया था। अदालत ने कहा कि यह पूरी तरह पर्यावरण से जुड़ा मुद्दा है, इसे कोई दूसरा रंग नहीं दिया जाना चाहिए। पीठ ने बीएमसी के वीडियो हटाने के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उसे दोबारा अपलोड करने का निर्देश दिया और कहा कि मुंबई की पहचान आपसी एकता और भाईचारे से है, जिसे गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियों से प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।