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‘दिमाग सुन्न रहता था, जॉम्बी की तरह चलता था’, ‘रामायण’ के लक्ष्मण रवि दुबे ने जब की अपनी मेन्टल हेल्थ पर खुलकर बात

Ravie Dubey on Mental Health Struggle: टीवी एक्टर बनने से पहले, रवि दुबे ने अपने जीवन के सबसे कठिन दौर का सामना किया था, जब वे मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे थे। रामयण में लक्ष्मण के किरदार में नजर आने वाले अभिनेता ने अपने मुश्किल दौर के बारे में जब की खुलकर बात।
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मुंबई

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Rashi Sharma

•

Updated: 3 Nov 2026, 6:18 PM IST

Ravie Dubey on Mental Health Struggle

'रामायण' में लक्ष्मण के किरदार में नजर आने वाले रवि दुबे ने की मेन्टल हेल्थ पर बात। (फोटो सोर्स: @tellysuper.in/instagram and @WorldOfRamayana)

Ravie Dubey on Mental Health Struggle: टीवी एक्टर रवि दुबे जल्द ही अपने करियर की सबसे बड़ी फिल्म 'रामायण' में नजर आने वाले हैं। 4,000 करोड़ रुपये के बड़े बजट से बनी रणबीर कपूर की इस फिल्म में रवि 'लक्ष्मण' का किरदार निभा रहे हैं और उनके साथ यश और साईं पल्लवी भी स्क्रीन शेयर करेंगे। रवि के करियर का ये सबसे बड़ा मौका है। जबकि एक वक्त ऐसा भी था, जब वो मुंबई में अपने शुरुआती दिनों में दो वक्त की रोटी जुटाने के लिए भी संघर्ष करते थे। रवि ने अपने एक पुराने इंटरव्यू में बताया है कि कैसे अपनी किशोरावस्था और 20 की उम्र के शुरुआती सालों में उन्हें कई संघर्षों का सामना करना पड़ा। उस दौरान वे मेन्टल हेल्थ से जुड़ी इतनी गंभीर समस्या से गुजर रहे थे कि उनके मन में मरने तक के विचार आने लगे थे।

'मैं किशोरवस्था में था और कमजोर था, बस मरने के बारे में सोचता था'

रवि ने एबीपी न्यूज के साथ एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि 2001 में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए वो मुंबई आए थे। उस समय, भले ही उन्होंने कभी एक्टिंग के अपने जूनून के बारे में किसी को नहीं बताया था, लेकिन उनके पिता समझ गए थे कि उनके सपने बहुत बड़े हैं। रवि ने बताया, 'मेरे पिता ने ही मुंबई में मरे लिए कॉलेज चुना था, ताकि मैं अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश कर सकूं।

स्कूल के दिनों में रवि एक बहुत होनहार छात्र थे, लेकिन उनकी कॉलेज लाइफ वैसी नहीं थी, जैसी उन्होंने सोची थी। एक 'टेडएक्स' (TedX) टॉक के दौरान रवि ने बताया कि अपने पहले सेमेस्टर में वो पांच में से चार सब्जेक्ट्स में फेल हो गए थे। दूसरे सेमेस्टर में भी उनका यही हाल रहा। इस तरह की असफलता के बाद, वो वापस गुरुग्राम स्थित अपने घर लौट आए। इस दौरान उनकी फैमिली ने उनको पूरी तरह सपोर्ट किया, बावजूद इसके रवि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे थे।

लोग कहते थे, 'तुम फेल हो गए इसलिए वापस आ गए?'

उन्होंने बताया, "लोग कहते थे, 'तुम फेल हो गए इसलिए वापस आ गए? क्या तुम वहां पढ़ाई नहीं करते?' क्योंकि मैं बहुत युवा, कमजोर और आसानी से प्रभावित होने वाला लड़का था, इसलिए ऐसी छोटी-छोटी बातों ने मुझे इस कगार पर पहुंचा दिया कि मैंने एक बार मैंने अपनी जान तक लेने के बारे में सोच लिया था।" इसके आगे उन्होंने आगे कहा, "शुक्र है कि मैं उसमें भी फेल हो गया।"

‘मैं बस एक जॉम्बी की तरह चल रहा था’

पिंकविला के साथ एक और इंटरव्यू में, रवि ने बताया कि उनके मन में ऐसे विचार आने का कारण कॉलेज में फेल होना नहीं था, बल्कि उन्हें ऐसा लग रहा था कि “आगे बढ़ने का कोई रास्ता ही नहीं है।” अपने जीवन के उस दौर के बारे में बात करते हुए, रवि ने बताया, “मेरा दिमाग हमेशा सुन्न रहता था, मैं बस एक जॉम्बी की तरह चलता रहता था।” उनके मामले में, समय ने मरहम का काम किया और आध्यात्मिकता उनकी सुपरपावर बन गई। उन्होंने कहा, “समय ने मुझे ताकतवर बना दिया है,” और आगे जोड़ा, “आप खुद को किसी और के मुकाबले कहीं ज्यादा सशक्त बना सकते हैं।” कॉलेज का सफर उनके लिए “बहुत मुश्किल” रहा, लेकिन रवि ने “जैसे-तैसे” अपनी डिग्री पूरी कर ही ली।

चूंकि रवि को बहुत पहले ही समझ आ गया था कि इंजीनियरिंग उनके बस की बात नहीं है, इसलिए उन्होंने जर्नलिज्म में एक डिप्लोमा कोर्स शुरू किया, लेकिन इससे भी उन्हें कोई खास मदद नहीं मिली। इंजीनियरिंग कॉलेज के तीसरे साल में, उन्होंने विज्ञापनों के लिए ऑडिशन देना शुरू कर दिया। अपना पहला ऑडिशन पास करने में उन्हें कुछ साल लग गए, लेकिन जब उन्हें सफलता मिली, तो वह शूजित सरकार के साथ एक विज्ञापन था, जो उनका पहला प्रोजेक्ट बना। साल 2005 में, रवि को एक बाइक के विज्ञापन में काम करने का मौका मिला, जिसके लिए उन्हें 10,000 रुपये मिले। उसी साल शूजित सरकार की पहली फिल्म ‘यहां’ भी रिलीज हुई थी।

रवि का पहला टीवी शो दिलीप कुमार के बैनर तले बना था

जानकारी के लिए बता दें कि रवि दुबे को 2006 में दूरदर्शन के एक टीवी शो में लीड रोल मिला। दिलीप कुमार और सायरा बानो द्वारा निर्मित इस शो, 'स्त्री: यह तेरी कहानी' का हिस्सा बनना उनके लिए एक सपने के सच होने जैसा था, क्योंकि उन्हें इस दिग्गज कलाकार के साथ करीब से काम करने का मौका मिला। असल में, इस शो की शूटिंग दिलीप कुमार के घर पर ही हुई थी और रवि अपना काफी समय भारतीय सिनेमा के इस महान कलाकार के साथ बिताते थे।

इसके बाद, इस रवि दुबे ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा, जबकि एक समय ऐसा भी था जब उन्हें खुद पर भरोसा बनाए रखने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा था। उन्होंने कहा, "आपको हर परिस्थिति में सकारात्मक रहना चाहिए। आपको खुद पर विश्वास रखना होगा।"

'रामायण' में लक्ष्मण का किरदार निभाने के बारे में रवि ने क्या कहा

बता दें कि आने वाली 5 नवम्बर को रिलीज होने वाली रणबीर कपूर की 'रामायण' के साथ, रवि बड़े पर्दे पर कदम रख रहे हैं। एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में 20 सालों से ज्यादा का समय बिताने वाले इस एक्टर के करियर का यह अब तक का सबसे बड़ा ब्रेक माना जा सकता है।

'रामायण' में लक्ष्मण का किरदार निभाने के बारे में रवि ने कहा, "मैं उस जिम्मेदारी को अच्छी तरह समझता हूं जो ऐसे व्यक्ति का किरदार निभाने के साथ आती है, जो हजारों सालों से लोगों के दिलों और उनकी चेतना में बसा हुआ है। किसी अभिनेता के जीवन में ऐसा बहुत कम होता है कि उसके करियर का सबसे बड़ा मौका, उसके जीवन के सबसे बड़े सम्मानों में से एक भी बन जाए। मेरे लिए यह बिल्कुल वैसा ही है। मैं इस फिल्म से कृतज्ञता, प्यार, ईमानदारी और जिम्मेदारी की गहरी भावना के साथ जुड़ा हूं। और दुनिया भर से ट्रेलर को मिल रहे प्यार को देखकर हम सभी बेहद उत्साहित हैं और खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।"