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दीया मिर्जा विवाद पर सख्त हुआ बॉम्बे हाई कोर्ट! BMC को लगाई फटकार, दिए कड़े निर्देश

BMC Delete Dia Mirza Vidoe: बॉम्बे हाई कोर्ट ने BMC द्वारा अभिनेत्री दीया मिर्जा का जागरूकता वीडियो हटाए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने वीडियो तुरंत दोबारा अपलोड करने का सख्त निर्देश दिया है।
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मुंबई

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Priyanka Dagar

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Updated: 3 Nov 2026, 1:16 PM IST

Bombay HC disturbed and angry BMC remove dia mirza pollution-free Diwali video order re upload

दीया मिर्जा के डिलीट वीडियो पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिया सख्त निर्देश (Photo Source- Instagram/@diamirzaofficial)

HC asks BMC to re-upload Dia Mirza video: अभिनेत्री दीया मिर्जा (Dia Mirza) का BMC द्वारा 'प्रदूषण मुक्त दिवाली' जागरूकता वाला वीडियो हटाए जाने का मामला अब तूल पकड़ चुका है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस वीडियो को सोशल मीडिया से हटाए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है कि इस तरह की राजनीतिक टिप्पणियों और दबाव के चलते अधिकारियों ने जो कदम उठाए थे वो चिंताजनक हैं। इसके साथ ही, अदालत ने BMC को निर्देश दिया है कि वह डिलीट किए गए वीडियो को तुरंत अपने सोशल मीडिया हैंडल पर दोबारा अपलोड करे।

दीया मिर्जा के डिलीट वीडियो पर सख्त हुआ बॉम्बे हाईकोर्ट

मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण और त्योहारी सीजन के मद्देनजर बॉम्बे हाई कोर्ट ने सार्वजनिक सड़कों पर पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए थे। इसी दिशा में जनता को जागरूक करने के लिए BMC ने एक पब्लिक अवेयरनेस कैंपेन चलाया था, जिसमें दीया मिर्जा ने वीडियो संदेश के जरिए लोगों से इको-फ्रेंडली और पॉल्यूशन-फ्री दिवाली मनाने की अपील की थी।

दीया मिर्जा का वीडियो जैसे ही सामने आया, कुछ राजनीतिक नेताओं ने इसे लेकर कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद बीएमसी ने विवाद से बचने के लिए चुपचाप उनके वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया था, जबकि अन्य सेलिब्रिटीज के वीडियो नहीं हटाए गए थे। इस अभियान में माधुरी दीक्षित, निशिगंधा वाड और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे जैसी कई जानी-मानी हस्तियां भी शामिल थीं, लेकिन मुंबई बीजेपी प्रमुख अमित साटम और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले सहित कुछ नेताओं ने दीया के नाम और कैंपेन पर सवाल उठाए थे। जब यह मामला अदालत के संज्ञान में आया, तो बेंच ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और डॉ. नीला गोखले की बेंच ने की तीखी टिप्पणी

मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और डॉ. नीला गोखले की बेंच ने राजनीतिक नेताओं की तरफ से दी गई टिप्पणियों पर गहरी असंतोष जताया। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की राजनीतिक बयानबाजी और दबाव से उन्हें गंभीर परेशानी हुई है। सुनवाई के दौरान बेंच ने सभी संबंधित पक्षों को यह भी पुरजोर तरीके से याद दिलाया कि भारत एक संप्रभु, समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष (Secular) देश है, जहां कानून और जनहित सबसे ऊपर होने चाहिए।

अदालत के कड़े रुख को देखते हुए यह साफ हो गया है कि न्यायिक निर्देशों के पालन में किसी भी तरह की प्रशासनिक कमजोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बॉम्बे हाई कोर्ट ने BMC को निर्देश दिया है कि वह हटाए गए वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर फिर से अपलोड करें

दीया मिर्जा ने डिलीट वीडियो पर रखा था अपना पक्ष

बता दें, जब ये पूरा विवाद सामने आया था तो अभिनेत्री दीया मिर्जा ने भी इस आलोचना का कड़ा जवाब दिया था। ANI से बात करते हुए उन्होंने साफ किया था कि उनका इस अभियान से जुड़ना बॉम्बे हाई कोर्ट और बीएमसी के अनुरोध पर केवल एक सार्वजनिक हित (Public Interest) का हिस्सा था। उन्होंने सवाल उठाया था कि जिस वीडियो को अदालत और नगर निकाय ने जनहित में रिकॉर्ड करवाया है, उसकी आलोचना क्यों की जानी चाहिए? उन्होंने जोर देकर कहा कि वायु प्रदूषण किसी एक व्यक्ति या धर्म का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर 'पब्लिक हेल्थ' (जनस्वास्थ्य) का गंभीर मामला है और इसे कम करने के हर प्रयास का स्वागत किया जाना चाहिए।

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