
नोरा फतेही की टीम का बयान आया सामने (Photo Source- Instagram/norafatehi)
Nora Fatehi Team On Sukesh Chandrasekhar Case: अभिनेत्री नोरा फतेही (Nora Fatehi) और उनकी कानूनी टीम ने महाठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के जबरन वसूली मामले में चल रही कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर एक बयान जारी किया है। हाल ही में यह मामला दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के लिए लिस्ट किया गया था, जिसमें नोरा फतेही को एक गवाह के रूप में बुलाया गया था। अभिनेत्री के वकीलों ने साफ किया है कि नोरा का इस पूरे आपराधिक मामले में बतौर आरोपी कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि वह जांच में केवल अदालत की सहायता के लिए एक गवाह के तौर पर शामिल हैं।
मंगलवार को नोरा फतेही की लीगल टीम की तरफ से जारी किए गए आधिकारिक बयान में बताया गया कि सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा आर्थिक अपराध शाखा (EOW) का मामला 2 नवंबर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था। इस दौरान नोरा को गवाह के रूप में अदालत में पेश होना था।
लेकिन, उनके वकीलों ने अदालत को सूचित किया कि उन्हें बहुत कम समय में समन मिला था और पहले से तय काम (Professional Commitments) के कारण वह व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश नहीं हो सकीं। उनकी व्यक्तिगत पेशी से छूट के लिए एक एप्लिकेशन (Application) दायर की गई थी, जिसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई को 6 नवंबर 2026 तक के लिए टाल दिया है और उनकी गवाही के लिए नए समन जारी किए गए हैं।
लीगल टीम ने अपने बयान में इस बात पर खास जोर दिया है कि नोरा फतेही न तो इस मामले में आरोपी हैं और न ही उन पर किसी भी तरह का जुर्म करने या कानून तोड़ने का कोई आरोप लगाया गया है। उन्हें केवल न्यायिक प्रक्रिया में मदद करने के लिए गवाह के रूप में बुलाया गया है।
बता दें, यह पूरा हाई-प्रोफाइल मामला सुकेश चंद्रशेखर द्वारा दिल्ली की रोहिणी जेल में बंद रहते हुए बड़े सरकारी अधिकारियों और मंत्रियों के नाम पर ठगी कर करीब 200 करोड़ रुपये वसूलने से जुड़ा हुआ है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने इस मामले की गहन जांच करते हुए महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत चार्जशीट दाखिल की थी।
इससे पहले, EOW ने सुकेश चंद्रशेखर और उसकी पत्नी लीना मारिया पॉलोज के साथ नोरा के कथित संबंधों को लेकर भी लंबी पूछताछ की थी। उस दौरान CrPC की धारा 164 के तहत उनका बयान दर्ज किया गया था, जिसके बाद जांच एजेंसी ने उन्हें सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आधिकारिक तौर पर सरकारी गवाह (Approver/Witness) के रूप में नामित किया था। जांच के दौरान नोरा ने यह भी खुलासा किया था कि चंद्रशेखर के साथ उनकी बातचीत उसकी पत्नी के माध्यम से हुई थी।
Updated on:
3 Nov 2026, 10:54 AM IST
Published on:
3 Nov 2026, 10:03 AM IST
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