मुंबई में वाटर टैक्सी सर्विस ठप पड़ गई हैं। वॉटर टैक्सी ऑपरेटर सोहेल कजानी के मुताबिक, यात्रियों को टैक्सी में चढ़ने या उतरने के लिए बनी सीढियों का निर्माण भी ठीक से नहीं हुआ है।
मुंबई में इस साल फरवरी में वॉटर टैक्सी सेवा (Mumbai Water Taxi Service) की शुरुआत हुई थी। जल मार्ग के माध्यम से यात्रा के एक बेहतर विकल्प के तौर पर इसे देखा गया था। लेकिन मुंबई में जेट्टी तक पहुंचने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी न होने, सुविधाओं में कमी और ज्यादा किराए की वजह से मुंबई में वॉटर टैक्सी ठप पड़ गई है। वॉटर टैक्सी ऑपरेटर ने मुंबई पोर्ट ट्रस्ट (बीपीटी) को पत्र लिखकर टैक्सी के लिए उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार करने की मांग की है।
वॉटर टैक्सी ऑपरेटर सोहेल कजानी ने बताया कि मुंबई के जेट्टी परिसर तक बेहतर कनेक्टिविटी की कमी और अन्य दिक्कतों के चलते मुंबई से वॉटर टैक्सी की सेवा ठप हो गई है। इन समस्याओं के बारे में बीपीटी को कई बार बताया गया हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। यह भी पढ़ें: Maharashtra Weather Update: लौटते मानसून का कहर, मुंबई, पुणे समेत कई इलाकों में अलर्ट जारी, दिवाली पर भी भरी बारिश की संभावना
सोहेल कजानी ने आगे बताया कि पैसेंजर्स को डॉमेस्टिक क्रूज टर्मिनल तक आसानी से पहुंचाने के लिए बस सेवा और टैक्सी सेवा उपलब्ध करवाने की बात कही गई थी। लेकिन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से जेट्टी तक हर 40 मिनट के गैप पर बस सेवा उपलब्ध करवाई गई है, जबकि बस सेवा हर 10 मिनट के अंतर पर उपलब्ध होनी थी। जेट्टी परिसर के करीब कोई टैक्सी स्टैंड भी नहीं हैं। क्रूज टर्मिनल परिसर को अक्सर शादी सहित अन्य कार्यक्रमों के लिए किराए पर दिया जाता है। इस वजह से भी यात्रियों को जेट्टी तक पहुंचाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बता दें कि वॉटर टैक्सी के माध्यम से बेलापुर से एलिफेंटा तक रिटर्न टिकट लेने के लिए पैसेंजर्स को 750 रुपये और बेलापुर से जेएनपीटी का रिटर्न टिकट लेने के लिए यात्रियों को 500 रुपये देने पड़ते हैं। टैक्सी ऑपरेटर के मुताबिक, मुंबई से मांडवा के बीच सेवा शुरू होने पर किराया 1200 रुपये के करीब होगा। मौजदा समय में रेल के जरिए यात्री मुंबई से वाशी का सफर महज 15 रुपये में तय कर लेते हैं। ऐसे में 750 रुपये, 500 रुपये का टिकट यात्रियों के लिए बहुत ज्यादा है।
50 प्रतिशत सीटें रहती खाली: सुविधाओं की कमी और ज्यादा किराए की वजह से मौजूदा समय में कम पैसेंजर वॉटर टैक्सी से यात्रा करते हैं। सिर्फ बेलापुर से एलिफेंटा व जेएनपीटी के बीच वॉटर टैक्सी चल रही है। सोहेल ने बताया कि इस रूट पर क्षमता के करीब 50 प्रतिशत यात्री ही टैक्सी ले रहे हैं। बीपीटी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, जल यातायात को बढ़ावा देने के लिए बीपीटी ने जेट्टी तैयार करने का काम पूरा कर लिया है। मुंबई में बनी जेट्टी तक पैसेंजर्स को बेहतर कनेक्टिविटी बस के जरिए उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी बेस्ट की थी, जो ठीक तरीके से नहीं हो पाई है। अच्ची कनेक्टिविटी न होने के कारण यात्रियों को जेट्टी तक पहुंचने में परेशानी हो रही है।