मुंबई

मुंबई मंडल के स्टेशनों पर WR का बड़ा एक्शन, गंदगी और अनियमितता के चलते 39 कैटरिंग दुकानें बंद

Railway Food Safety: पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल डिवीजन में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा अभियान के दौरान 39 कैटरिंग आउटलेट बंद किए गए।
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Aug 26, 2026
Railway Catering Outlets action
पश्चिम रेलवे की बड़ी कार्रवाई, 39 कैटरिंग आउटलेट बंद (Patrika File Photo)

Indian Railway: रेलवे स्टेशनों पर खाने-पीने की दुकानों में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पश्चिम रेलवे (WR) ने बड़ी कार्रवाई की है। मुंबई सेंट्रल डिवीजन में 15 अगस्त से चलाए जा रहे विशेष स्वच्छता और हाइजीन अभियान के दौरान 39 कैटरिंग आउटलेट बंद कर दिए गए। रेलवे की जांच में खाद्य सुरक्षा, साफ-सफाई और संचालन से जुड़े नियमों में खामियां मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।

रेलवे (Western Railway) अधिकारियों के मुताबिक, अभियान के तहत स्टेशन और प्लेटफॉर्म पर संचालित कैटरिंग स्टॉल, चाय की दुकानों, जूस कियोस्क और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। इसका उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।

नियमों का पालन करने पर 20 आउटलेट फिर खुले

जांच के दौरान बंद किए गए 39 आउटलेट में से 20 को दोबारा खोलने की अनुमति दे दी गई है। इन दुकानों के संचालकों ने रेलवे की ओर से बताई गई कमियों को दूर किया और निर्धारित जुर्माना जमा किया। इसके बाद अधिकारियों ने दोबारा जांच कर अनुपालन की पुष्टि की और उन्हें संचालन की अनुमति दी।

इस कार्रवाई के दौरान रेलवे ने कैटरिंग संचालकों से कुल 3.80 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है।

बांद्रा टर्मिनस के चाय स्टॉल पर ठोका सबसे ज्यादा जुर्माना

कार्रवाई के दौरान सबसे ज्यादा 1 लाख रुपये का जुर्माना बांद्रा टर्मिनस के प्लेटफॉर्म नंबर 2 और 3 पर संचालित मैसर्स महेंद्र जैन के चाय स्टॉल पर लगाया गया। रेलवे के मुताबिक, स्टॉल में पाई गई कमियों को दूर करने और अनुपालन जांच पूरी होने के बाद 20 अगस्त को इसे दोबारा खोलने की अनुमति दी गई।

वहीं, बांद्रा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 और 5 पर ओम प्रकाश चंद्र सेन के जूस कियोस्क पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। आवश्यक सुधार और जांच के बाद 24 अगस्त को कियोस्क फिर से खोल दिया गया।

19 कैटरिंग आउटलेट अभी भी बंद

रेलवे की जांच में बंद किए गए 39 आउटलेट में से 19 कैटरिंग यूनिट अभी भी बंद हैं। इन पर 22 से 24 अगस्त के बीच कार्रवाई की गई थी। इनमें सूरत के 7 चाय स्टॉल, वापी के 6, वलसाड के 3, बोरीवली के 2 कैटरिंग यूनिट और दादर का 1 चाय स्टॉल शामिल है।

सुधार और जांच के बाद ही दोबारा शुरू होगा कारोबार

पश्चिम रेलवे ने स्पष्ट किया है कि इन 19 यूनिट को तब तक दोबारा संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक संबंधित संचालक रेलवे की ओर से बताई गई कमियों को दूर नहीं कर लेते, लागू जुर्माना जमा नहीं करते और औपचारिक अनुपालन जांच में सफल नहीं होते।

रेलवे का कहना है कि मुंबई सेंट्रल डिवीजन के विभिन्न स्टेशनों पर नियमित निरीक्षण जारी रहेगा। यात्रियों की खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले कैटरिंग आउटलेट के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब हो कि रेलवे की इस कार्रवाई के साथ ही राज्य भर के होटल, ढाबों और कैटरिंग आउटलेट्स पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) का शिकंजा भी कसता जा रहा है। एफडीए (FDA) आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में राज्य भर में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। एफडीए की टीमों ने मुंबई, पुणे और नागपुर सहित कई प्रमुख शहरों के मशहूर रेस्तरां और खान-पान की दुकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। नियमों का उल्लंघन करने, घटिया सामग्री का इस्तेमाल करने और साफ-सफाई न रखने वाले दर्जनों आउटलेट्स के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और दूषित खाद्य सामग्रियां जब्त की गई हैं। वरिष्ठ IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे ने साफ कर दिया है कि जनस्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा।

Updated on:
26 Aug 2026 04:18 pm
Published on:
26 Aug 2026 04:04 pm