Maharashtra New DGP Sanjay Verma : कांग्रेस व अन्य दलों ने चुनाव आयोग से रश्मि शुक्ला के पक्षपाती होने की शिकायत की थी जिसके बाद उन्हें महाराष्ट्र डीजीपी के पद से हटा दिया गया।
DGP Rashmi Shukla Transferred : भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी संजय कुमार वर्मा को महाराष्ट्र का नया पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया गया है। महाराष्ट्र कैडर के 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी संजय वर्मा, रश्मि शुक्ला की जगह लेंगे। महाराष्ट्र में 20 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले प्रमुख विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से रश्मि शुक्ला के पक्षपाती होने की शिकायत की, जिसके बाद सोमवार को शुक्ला को तत्काल प्रभाव से राज्य पुलिस प्रमुख के पद से हटा दिया गया।
महानिदेशक (विधि एवं प्रौद्योगिकी) के तौर पर कार्यरत संजय वर्मा 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। संजय वर्मा ने 2015 में कम्युनिस्ट नेता और तर्कवादी गोविंद पनसारे की हत्या की पड़ताल करने वाले एसआईटी का नेतृत्व किया था। वह अप्रैल 2028 में रिटायर होंगे।
आईपीएस संजय वर्मा मुंबई के पुलिस कमिश्नर विवेक फणसालकर से प्रभार ग्रहण करेंगे। चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार, फणसालकर को सोमवार को डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। निर्वाचन आयोग ने सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वह रश्मि शुक्ला का प्रभार कैडर के अगले सबसे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को सौंप दें। साथ ही मुख्य सचिव को डीजीपी पद के लिए मंगलवार दोपहर 1 बजे तक तीन आईपीएस अधिकारियों के नाम भेजने का भी निर्देश दिया।
निर्वाचन आयोग ने आज उन नामों पर विचार किया और संजय वर्मा के नाम को मंजूरी दी, जिसके बाद राज्य सरकार ने उन्हें महाराष्ट्र का डीजीपी नियुक्त किया। आईपीएस संजय वर्मा अप्रैल 2028 तक रिटायर होने तक सेवा में बने रहेंगे।
बता दें कि रश्मि शुक्ला महाराष्ट्र की पहली महिला डीजीपी थीं। इसी साल महायुति सरकार ने उनका कार्यकाल करीब दो साल के लिए बढ़ा दिया था। 1988 बैच की महाराष्ट्र कैडर की आईपीएस अधिकारी शुक्ला जून 2024 में सेवानिवृत्त होने वाली थीं।
उद्धव ठाकरे नीत महाविकास अघाडी (एमवीए) सरकार के दौरान रश्मि शुक्ला को गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ा था। उनके खिलाफ मुंबई व पुणे में तीन एफआईआर दर्ज हुई थी। हालांकि बाद में दो एफआईआर को बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था, जबकि एक मामले की जांच सीबीआई ने की और फिर सबूतों के अभाव में मामला बंद कर दिया।