केंद्रीय बोर्ड ने कर्मचारियों की जमा लिंक्ड बीमा योजना, 1976 में संशोधन के लिए मंजूरी दी ईपीएफ के खाताधारकों की बीमा धनराशि में इजाफा, 6 लाख से बढ़ाकर 7 लाख रुपए तक किया
नई दिल्ली। जहां एक ओर देश में परमानेंट नौकरियां यानी सैलरीड क्लास के तहत आने वाली नौकरियों में गिरावट देखने को मिल रही है। वहीं दूसरी ओर सरकार की ओर से इस क्लास को बड़ी राहत देने की बात ही है। ईपीएफओ की मार्फत सरकार ने ईपीएफ खाताधारकों ( EPF Account Holder ) को बड़ी राहत देते हुए बीमा राशि में इजाफा कर दिया है। अगर अब किसी दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से खाताधारक की मौत हो जाती है तो उसके परिवार को एक लाख रुपए अतिरिक्त बीमा राशि दी जाएगी। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर सरकार की ओर से बीमा राशि कितनी कर दी गई है।
7 लाख रुपए दी जाएगी बीमा राशि
ईपीएफ के खाताधारकों की बीमा धनराशि में इजाफा हुआ है। केंद्रीय बोर्ड ने कर्मचारियों की जमा लिंक्ड बीमा योजना, 1976 में संशोधन के लिए मंजूरी दी है। जिससे वर्तमान अधिकतम लाभ को 6 लाख से बढ़ाकर 7 लाख रुपये तक किया जा सके। इस संशोधन के जरिए सेवारत कर्मचारियों की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु होने की स्थिति में परिवार को छह लाख की जगह अब सात लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी।
ईपीएफ ब्याज दर में बदलाव नहीं
श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री संतोष गंगवार की अध्यक्षता में ईपीएफ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की बुधवार को हुई 227वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया। कोरोना से पैदा हुई असाधारण हालात को देखते हुए, केंद्रीय बोर्ड ने ब्याज दर से संबंधित एजेंडे की भी समीक्षा की। केंद्रीय बोर्ड ने केंद्र सरकार को 8.50 प्रतिशत की समान दर रखने की सिफारिश की है। इसमें 31 दिसंबर, 2020 तक, ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) और ऋण आय से 8.15 फीसदी और शेष 0.35 फीसदी पूंजीगत लाभ शामिल होगा।
महामारी के दौरान ईपीएफओ की सराहना
केंद्रीय बोर्ड ने कोविड महामारी के दौरान भी सुचारू रूप से सेवाओं को जारी रखने पर ईपीएफओ कर्मियों की सराहना की। केंद्रीय बोर्ड को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत, प्रतिष्ठानों और सदस्यों के लिए केंद्र सरकार की ओर से घोषित राहत उपायों से भी अवगत कराया गया, जिसे ईपीएफओ ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सफलतापूर्वक लागू किया गया है।