
नई दिल्ली। हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों ( Health Insurance Companies ) की ओर कोरोना हेत्थ इंयोरेंस ( Coronavirus Health Insurance ) लाकर देश के लोगों को काफी राहत की सांस दी है। जुलाई के आंकड़ों के साफ पता चलता है कि कि हजारों लोग इसका फायदा ले रहे हैं। अब इलाज के बाद सामने दूसरा सवाल खड़ा हो गया है, कि क्या कोरोना वैक्सीन ( Corona Vaccine ) भी क्या इस पॉलिसी में कवर होगी। ऐसे सवाल इसलिए हर किसी की जुबान पर तैर रहे क्योंकि हाल ही में फार्मा कंपनियों की ओर से जिस तरह की वैक्सीन कॉस्ट निकलकर सामने आई है वो हर किसी के बस में नहीं है। अगर वैक्सीन का खर्च भी इंश्योरेंस में शामिल हो जाए तो देश के करोड़ों को इसका फायदा होगा, लेकिन सवाल यह भी खड़ा है कि क्या किसी वैक्सीन को हेल्थ इंश्योरेंस में कवर किया जा सकता है। आइए आपको भी बताते हैं।
आखिर कितनी हो सकती है वैक्सीन की कीमत
पूरी दुनिया को कोरोना वायरस से निजात दिलाने वाली कोरोना वैक्सीन का इंतजार है। जिसने दुनिया के करोड़ों लोगों को सिर्फ मौत की नींद ही नहीं सुला दिया बल्कि दुनिया की इकोनॉमी को भी झकझौर कर रख दिया। जानकारी के अनुसार कोरोना वैक्सीन जल्द ही आ सकती है। रूस की कंपनी तो 12 अगस्त को अपनी वैक्सीन का ऐलान करने वाला है। वैसे मीडिया रिपोर्ट में इसकी कीमत का जिक्र नहीं किया गया है। वहीं ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और मॉडर्मा कंपनी संयुक्त रूप से जो वैक्सीन तैयार कर रही हैं उसकी कीमत 1000 रुपए से लेकी 4500 रुपए तक हो सकती है। वहीं गैवी और बिल एवंग मलिंडा गेट्स फाउंडेशन मिलकर जो दवा तैयार कर रहे हैं 2021 में उसकी प्रति डोज कीमत 3 डॅालर यानी 200 रुपए से लेकर 250 रुपए प्रति डोज हो सकती है।
इंश्योरेंस पॉलिसी क्या करती है कवर
एक नियमित स्वास्थ्य बीमा कवर आपके प्री और पोस्ट हॉस्पटलाइजेशन बिलो का भुगतान करता है। वैक्सीन के खर्चे अमूमन हेल्थ इंश्योरेंस में कवर नहीं होते हैं। सिवाय उन वैक्सीन के जो किसी पशु द्वारा काटे जाने पर लगाए जाते हैं या फिर एंटीडोट होते हैं। न्यूबॉर्न बेबी वैक्सीनेशन के खर्चों को मैटर्निटी पॉलिसी के तहत किया जाता है। वहीं कुछ पॉलिसीज ऐसी भी होती हैं जो आउटपेशेंट डिपार्टमेंट एक्सपेंसिज यानी ओपीडी के तहत लगने वाले वैक्सीनेशन के खर्चों को भी कवर करती है।
खास इंश्योरेंस प्रोडक्ट में मिलेगी सुविधा
रॉयल सुंदरम जनरल इंश्योरेंस के हेल्थ इंयोरेंस के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर निखिल आप्टे एक इंग्लिश मीडिया को दिए अपने बयान में कहते हैं कि वे अपने प्रीमियम वैरिएंट के तहत वैक्सीनेशन को कवर करते हैं जिसमें 10000 रुपए का ओपीडी भी है। इस वैरिएंट में हेपेटाइटिस बी या इन्फ्लुएंजा जैसे नियमित टीकाकरण शामिल हैं। जब कोरोना वैक्सीन आएगी तो उसके खर्च को भी इसमें शामिल किया जाएगा। जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में इंश्योरेंस कंपनियां ऐसे प्रोडक्ट्स को लांच कर सकती हैं, जिसमें वैक्सीनेशंस को भी शामिल किया जाएगा। जिसमें कोरोना वैक्सीन भी शामिल होगी, लेकिन मौजूदा समय में ऐसे उत्पादों की संख्या और इनके अंतर्गत आने वाले टीकों के लिए कवरेज सीमित हैं।