मुजफ्फरनगर के एक मदरसे में अचानक आग लगने से 14 बच्चे झुलसे, मोमबत्ती से फ्रिज में आग लगने के बाद कंप्रेसर फटने से फैले धुएं में बेहोश हुए बच्चे
मुजफ्फरनगर. मुजफ्फरनगर थाना नगर कोतवाली क्षेत्र के एक मदरसे में अचानक आग लग जाने से कमरे में सो रहे 14 बच्चे झुलस गए। आग की सूचना मिलते ही लोगों में हड़कंप मच गया। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी झुलसे बच्चों को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। जहां 10 बच्चों की हालत को गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें मेरठ रेफर कर दिया। जबकि चार बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि पुलिस अगर समस रहते मौके पर नहीं पहुंचती तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।
दरअसल, मामला थाना नगर कोतवाली क्षेत्र के गांव सुजड़ू में स्थित अशरफ उल मदारिस नाम के इस्लामिया मदरसे में देर रात भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि फ्रिज पर रखी जलती मोमबत्ती के गिर जाने से पहले फ्रिज ने आग पकड़ी और उसके बाद फ्रिज का कंप्रेसर ब्लास्ट हो गया। आग लगने से कमरे में सो रहे 14 बच्चे बुरी तरह झुलस गए। आग से कमरे में धुंआ भर जाने के कारण सभी बच्चे बेहोश हो गए। मदरसे में आग लगने की जानकारी ग्रामीणों को हुई तो उन्होंने घटना की सूचना पुलिस को दी। इसके कुछ देर बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह कमरे का गेट तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला और आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। 14 बच्चों को देखकर चिकित्सा कर्मियों में भी हड़कंप मच गया। चिकित्सकों ने बताया कि 10 बच्चों की हालत गंभीर है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद मेरठ रेफर कर दिया गया। जबकि 4 बच्चों की हालत को सही मानते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर वापस भेज दिया गया। इन बच्चों में 4 लड़कियां भी शामिल है, जिनकी भी हालत गंभीर है।
सबसे बड़ी बात यह है कि मात्र 2 कमरों में चलाए जा रहे इस मदरसे में कोई खास व्यवस्था बच्चों के रहने के लिए नहीं है। जमीन पर बच्चों के बिस्तर में लगे हुए थे। वहीं कमरा पूरी तरह से बंद था। गनीमत यह रही कि ग्रामीणों द्वारा घटना की सूचना पुलिस को दिए जाने के बाद कुछ ही मिनट में पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने समय रहते बच्चों को कमरे से नहीं निकाला होता तो धुएं से उनका दम घुट सकता था। उनकी जान भी जा सकती थी। अब ग्रामीणों पुलिस के कार्य और साहस की जमकर सराहना कर रहे हैं।