वीडियो कॉन्फ्रेंस कर प्रशासनिक और पुलिस अफसरों की ली मीटिंग
मुजफ्फरनगर. ईद-उल-अजहा से ठीक पहले उत्तर प्रदेश के सीम योगा आदित्य नाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मीटिंग की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश में कहीं भी खुले में कुर्बानी न हो और न ही खून को नालियों में बहाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने अफसरों से यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि जानवरों की कुर्बानी से निकलने वाले कचरे को भी कोई खुले में नहीं डाल पाए, ताकि किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों।
इसके अलावा सीएम से अफसरों को यह भी निर्देश दिए कि ईद-उल-अजहा के त्योहार के मौके पर लोगों को बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस के अफसरों से हर जिले में कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी कहा। वहीं, सीएम ने यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा कि कहीं भी प्रतिबंधित पशुओं (गौ वंश) की कुर्बानी नहीं दी जाए।
मुख्यमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद मुजफ्फरनगर के डीएम ने कहा कि हम पर स्तर पर ये प्रयास करेंगे कि सीएम के हर आदेश का पालन हो। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सोमवार (आज) को इस संबंध में जिले के अधिकारियों के साथ बैठक कर इन आदेशों के पालन को सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद सरकारी अफसरों के साथ ही हिन्दू और मुस्लिम दोनों ही समुदाय के गणमान्य लोगों के साथ बैठक कर त्योहार पर चर्चा की जाएगी।
वहीं, मुजफ्फरनगर के एसपी ओमवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री का मुख्य फोकस ईद-उल-अजहा को पारंपरिक तरीके से मनाने और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने पर था। उन्होंने कहा कि इसके अलावा सीएम ने ये निर्देश भी दिए कि जानवरों की कुर्बानी मिली जुली आबादी वाले क्षेत्र और खुले में नहीं दी जाए। गौरतलब है कि 22 अगस्त को पूरे देश में ईद-उल-अजहा का त्योहार मनाया जाएगा।