मुजफ्फरनगर

27 अगस्त को वेस्ट यूपी में हुआ था बहुत बड़ा बवाल, बरसी पर भाजपा मंत्रियों का जुटा हुजुम

मुख्य बातें छह साल पहले गांव से शुरू हुआ था दंगा दो मृतक भाईयों की बरसी पर पहुंचे भाजपा के विधायक, सांसद और मंत्री

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मुजफ्फरनगर। 2013 में जिले हुए सांप्रदायिक दंगों को भले ही 6 साल पूरे हो गए हो मगर मृतकों के परिजनों के जख्म आज भी हरे हैं। थाना जानसठ क्षेत्र के गांव कवाल में आज 27 अगस्त 2013 को हुए कवाल कांड में बहन से छेड़छाड़ की घटना के बाद आरोपी के साथ मारपीट करने के दौरान भीड़ द्वारा पीट-पीटकर निर्मम तरीके से मारे गए दो भाई सचिन और गौरव के साथ-साथ छेड़छाड़ के आरोपी शाहनवाज की बुधवार को छठी बरसी थी। जिसमें गांव मलिकपुरा में सचिन और गौरव को श्रद्धांजलि देने के लिए केंद्रीय पशुपालन डेयरी एवं मत्स्य विकास राज्य मंत्री संजीव बालियान और उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व एवं बाढ़ नियंत्रण राज्य मंत्री विजय कश्यप सहित कई विधायक और सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे। जहां हवन पूजन के बाद सभी लोगों ने मृतक सचिन व गौरव को श्रद्धांजलि दी।

दंगों में मारे गये। सचिन और गौरव की बरसी पर आज उनके गांव मलिकपुरा में हवन पूजन किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय पशुपालन डेयरी एवं मत्स्य राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान, उत्तर प्रदेश सरकार में राजस्व एवं बाढ़ नियंत्रण राज्यमंत्री विजय कश्यप, बुढाना से विधायक, उमेश मलिक खतौली से विधायक विक्रम सिंह सैनी, स्वामी यशवीर महाराज और भाजपा के जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी सहित दर्जनों भाजपा नेता व सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे। जहां उन्होंने हवन पूजन के बाद मृतक सचिन व गौरव के चित्र पर पुष्पांजलि देते हुए, उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने कहा कि हम हर वर्ष यहां आते है याद करने के लिए यह आना जरूरी है। हर साल यहां आता हूं और उस पल को याद करते की जो 2013 में मुजफ़्फरनगर के हालात बिगड़े थे। कितने बुरे हालात में ये जनपद रहा और हम ईश्वर से ये प्रार्थना करते है कि कभी भी मुजफ़्फरनगर में ऐसे हालात न रहे शांति रहे और उस दौरान जो दंगे में पीडि़त थे उनके परिवार वालो को सरकार ने सभी को समान अधिकार दिया

सरकार के कामकाज से संतुष्ट नहीं परिवार

वहीं पीडि़त परिवार वर्तमान की सरकार के कामकाज से संतुष्ट नहीं नजर आ रहा। मृतक के भाई राहुल कुमार का कहना है कि घटना के समय तत्कालीन सरकार द्वारा हमारी मदद की गई थी। मगर वर्तमान की सरकार से उन्हें कोई फायदा या कोई मदद नहीं हो रही है। आश्वासन देने के लिए तो नेता हर वर्ष आते हैं मगर केवल आश्वासन देकर चले जाते।

Published on:
28 Aug 2019 08:40 pm
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