मेरठ एंटी करप्शन टीम ने मुजफ्फरनगर के माप तौल विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक और उसके प्राइवेट ड्राइवर को 25 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ निरीक्षक एक पेट्रोल पंप संचालक से सालाना स्टैम्पिंग की एवज में 50 हज़ार रुपये की मांग कर रहे थे। एंटी करप्शन विभाग की जांच में मामला सही पाया गया।
यूपी के मुजफ्फरनगर जिले में मेरठ एंटी करप्शन टीम ने माप तौल विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक और उसके प्राइवेट ड्राइवर को 25 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि थाना नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के भोपा रोड स्थित बालाजी रिफलिंग पेट्रोल पंप के मालिक आधार रघुवंशी ने मेरठ एंटी करप्शन विभाग से शिकायत की थी कि मुजफ्फरनगर माप तौल विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक हरीश कुमार प्रजापति सालाना स्टैम्पिंग की एवज में 50 हज़ार रुपये की मांग कर रहे हैं।एंटी करप्शन विभाग की सीओ संगीता सिंह ने टीम से जांच कराई तो मामला सही पाया गया। जिसके बाद मेरठ एंटी करप्शन टीम ने अपना जाल बिछाकर माप तौल विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक हरीश कुमार प्रजापति और उनके प्राइवेट ड्राइवर सोनवीर उर्फ सोनू को रंगे हाथों 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।
मेरठ एंटी करप्शन विभाग की सीओ संगीता सिंह ने बताया कि मंगलवार को एक शिकायतकर्ता आधार रघुवंशी आए थे। उन्होंने ऑफिस में शिकायत की थी कि उनका एक पेट्रोल पंप भोपा रोड पर बालाजी रिफलिंग के नाम से है। उसमें सालाना स्टैम्पिंग होती है, जिसकी एवज में 50 हजार की रिश्वत की मांग की जा रही है। उनकी शिकायत पर हमने टीम भेजकर जांच कराई जो मामला सही पाया गया।
रिश्वत लेते ही दोनों को दबोचा
उन्होंने बताया कि इसी आधार पर हमने एक टीम का गठन किया। बुधवार को टीम ने पूरी तैयारी के साथ अपना जाल बिछाया और जैसे ही विधिक माप तौल विभाग मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ निरीक्षक हरीश कुमार प्रजापति और उनके प्राइवेट ड्राइवर सोनवीर उर्फ सोनू ने पैसों की मांग की।
इस पर सोनू को 25 हजार की रिश्वत दी गई। सोनू ने वे पैसे हरीश कुमार प्रजापति को दिए। इसके बाद टीम ने दोनों को रंगे हाथ दबोच लिया।