रोगियों को अस्पताल आने जाने की सुविधा भी मुफ्त रहेगी।
मुजफ्फरनगर। जिले के खतौली ब्लॉक सामुदायिक स्वास्थ केंद्र पर आयोजित कार्यशाला में भारत सरकार की आयुष्मान मिशन योजना की जानकारी दी गई। केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अवनीश कुमार ने बताया कि संपूर्ण भारत में 10 करोड़ परिवारों का चयन इस योजना में किया गया है। खतौली ब्लॉक में 10,090 परिवार चयनित हुए। यह योजना आयुष्मान भारत दिवस के रूप में 30 अप्रैल को लांच होगी। हर गांव में चयनित परिवारों का एएनएम, ग्राम सेवक व आशा कार्यकत्रियों द्वारा सर्वे कर सत्यापन किया जाएगा।
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योजना में चयनित परिवार को पांच लाख रुपये की मुफ्त चिकित्सा सुविधा जिला अस्पताल व मेडिकल कालेज में मिलेगी। साथ ही रोगियों को अस्पताल आने जाने की सुविधा भी मुफ्त रहेगी। लाभार्थियों को मुफ्त चिकित्सा सिर्फ गंभीर बीमारी हेतु उपलब्ध होगी। कार्यशाला में प्रभारी खंड विकास अधिकारी प्रवीन त्यागी, रतनपाल, डॉ. कपिल कुमार, सतबीर सिंह व एएनएम सहित आशा कार्यकत्रियां आदि मौजूद रहे।
क्या है यह योजना
दरअसल इस साल फरवरी महीने में पेश किए गए केंद्रीय बजट में दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना 'आयुष्मान भारत' का ऐलान करते हुए वित्तमंत्री अरूण जेटली ने कहा था कि इसक योजना के तहत करीब 10 करोड़ परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये का मेडिकल कवर दिया जाएगा। साथ ही इस योजना का लाभ देश की 40 फीसदी आबादी यानि 50 करोड़ लोगों को मिलेगा।
देश की एक बड़ी आबादी को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने वाली इस योजना में केंद्र सरकार 60 फीसदी का अंशदान करेगी, जबकि पूर्वोत्तर और तीन पहाड़ी राज्यों में केंद्र का योगदान 90 फीसदी होगा। साथ केंद्र शासित प्रदेशों में इस योजना का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। इस स्कीम पर निगरानी रखने के लिए एक प्राधिकरण बनाने का प्रस्ताव भी है। वहीं केंद्र सरकार ने विभिन्न बीमारियों के इलाज में आने वाले खर्च के आधार पर 1,300 पैकेज का खाका तैयार किया है। अस्पतालों को इन्हीं पैकेज के आधार पर भुगतान किया जाएगा।
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इस योजना के तहत राज्यों को विशेष नोडल ऑफिसर नियुक्त करने और सामाजिक, आर्थिक व जातिगत जनगणना के आंकड़ों के हिसाब से गरीब परिवारों की पहचान करने का काम दिया जा चुका है। इन परिवारों को आधार डाटा से जोड़ा जाएगा, ताकि उन्हें कैशलेस चिकित्सा सुविधा आसानी से मुहैया कराई जा सके। सरकार देश के मौजूदा जिला अस्पतालों को अपग्रेड करके 24 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों की स्थापना करेगी। नई योजना के तहत हर 3 संसदीय क्षेत्र या फिर एक ज़िले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा।