Highlights Chandrashekhar हिंसा में मारे गए नूरा के घर भी पहुंचे कहा- इस परिवार के लिए अपने खून का एक-एक कतरा दे देंगे धारा 144 के उल्‍लंघन पर पुलिस ने दिया नोटिस
मुजफ्फरनगर। जनपद में 20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में हुई हिंसा में नूरा की मौत हो गई थी। उनके घर लगातार सियासी लोगों का आना-जाना लगा हुआ है। रालोद नेता जयंत चौधरी (Jayant Chaudhary ) और कांग्रेस (Congress) महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi Vadra) नूरा के घर जा चुके हैं। इसके बाद समाजवादी पार्टी (Samajwadi party) के नेताओं ने आथिर्क मदद दी थी। रविवार को भीम आर्मी (Bhim Army) के संस्थापक चंद्रशेखर (Chandrashekhar) नूरा के परिजनों को सांत्वना देने मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) पहुंचे।
रविदास मंदिर भी गए चंद्रशेखर
नूरा के घर जाने से पहले भीम आर्मी मुखिया नगर कोतवाली क्षेत्र के सुजडू गांव में स्थित रविदास मंदिर पहुंचे। वहां भारी संख्या में दलित और मुस्लिमों ने उनका स्वागत किया। मंदिर में ही चंद्रशेखर ने एक पाठशाला का उद्घाटन किया। इस दौरान चंद्रशेखर ने कहा कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है, फिर भी उन्हें दिल्ली में जेल भेज दिया गया। वह जो कुछ भी करते हैं, संविधान के अनुसार करते हैं। अगर संविधान के अनुसार काम करना क्राइम है तो वह यह अपराध करता रहेंगे।
सरकार पर साधा निशाना
चंद्रशेखर ने रविदास मंदिर में बनी पाठशाला में ही लोगों को संविधान की प्रस्तावना पढ़ाई। उसके बाद वह खालापार निवासी नूरा के घर पहुंचे और उनके परिजनों को सांत्वना दी। चंद्रशेखर ने कहा कि यहां जो कुछ हुआ, वह बहुत गलत है। वह इस परिवार के लिए अपने खून का एक-एक कतरा दे देंगे। उनके लोगों की कुर्बानी को पैसों से नहीं तोला जा सकता है।
सीएए पर यह कहा
सीएए पर उन्होंने कहा कि सिटीजन अमेंडमेंट एक्ट तीन देशों की छह जातियों के लोगों को नागरिकता देता है। इसके अलावा और भी देश हैं, जहां लोगों को सताया गया। जैसे श्रीलंका में तमिल को सताया गया। तिब्बत में बौद्धों को परेशान किया गया। हमारे देश में मुसलमान को सीएए से बाहर रखने का मकसद यही है कि वह लोग धर्म के नाम पर बंटवारा चाहते हैं। यह लोकतांत्रिक देश है। यहां धर्म के नाम पर कोई कानून नहीं बनेगा। अगर कोई बनाता है तो वह क्राइम करता है। वहीं, मुजफ्फरनगर पुलिस ने धारा 144 का उल्लंघन करने पर चंद्रशेखर को नोटिस भी दिया।