
शामली। उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है। सभी राजनीतिक पार्टियों के प्रत्याशियों की घोषणा हो चुकी है। वहीं बहुजन समाज पार्टी ने जनपद में सबसे पहले अपने प्रत्याशियों की घोषणा की है, उसके बाद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के साथ ही रालोद में भी अपने प्रत्याशियों को मैदान में मैदान में उतारा है। जबकि भारतीय जनता पार्टी ने नामांकन के अंतिम दिन से 1 दिन पूर्व भी अपने प्रत्याशी की घोषणा की है। भाजपा के प्रत्याशी को लेकर जिले के सभी दिग्गजों की नजर इस पर बनी हुई थी।
उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव के प्रथम चरण में आगामी 22 नवंबर को जनपद शामली में होने वाले निकाय चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपने-अपने प्रत्याशियों चुनावी मैदान में उतारा है। राजनीतिक पार्टियों ने अपने-अपने आंकड़े बैठाकर जिताऊ कैंडिडेट को मैदान में उतारा है। वहीं शामली शहर सीट पर भाजपा ने एक मजबूत कैंडिडेट को उतारा है।
शामली शहर सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने करीब 25 सालों से आएसएस से जुड़े अजय संगल की पत्नी दीपिका संगल को चुनावी मैदान में उतारा है। अजय संगल करीब 25 सालों से संघ के लिए कार्य कर रहे थे। 7 साल से अब तक वह RSS के जिला संपर्क प्रमुख के पद पर कार्यरत थे और इसी का लाभ उन्हें अब नगर निकाय चुनाव में मिला है। भाजपा ने उन पर भरोसा जताते हुए उनकी पत्नी को चुनावी मैदान में उतारा है। इसके अलावा भी अजय संगल शहर के एक प्रमुख स्कूल संचालक भी हैं।
यह हैं बीजेपी के प्रत्याशी
नगर पालिका शामली से दीपिका सिंगल
कांधला से नरेश सैनी
नगर पंचायत एलम से रीना पंवार
बनत से राजीव चौधरी
जलालाबाद से धर्मवीर पाल
थानाभवन से अनिता सैनी
झिझाना से बिजेंद्र कश्यप
ऊन से प्रदीप चौधरी को प्रत्याशी बनाया है।
यह हैं समाजवादी पार्टी के ये प्रत्याशी
शामली से विजय कौशिक
कैराना राशिद अली
झिझाना वसीम कुरैसी
कांधला फैसल बेग
ऊन से अशोक चौधरी
गढ़ीपुख्ता से कंवरपाल कश्यप
एलम से चंद्रप्रभा चौधरी को प्रत्याशी बनाया है।
यह हैं कांग्रेस के प्रत्याशी
कांधला से जाहिद
कैराना से बशीर
झिंझाना से शाहबाज
जलालाबाद से रईस अहमद
थानाभवन से समीरा अंजूम
गढ़ीपुख्ता से रण कुमार की टिकट दिया गया है।
शामली जनपद नगर निकाय चुनाव प्रत्याशियों के नामों पर बसपा की मोहर, लखनऊ में बैठक के दौरान हुई जनपद शामली के 6 प्रत्याशियों की घोषणा
थानाभवन से तनवीर अहमद
जलालाबाद से अब्दुल गफ्फार
गढ़ीपुख्ता से सरफराज खान
ऊन से कुलदीप मान
कैराना से साजिद अली
बनत से फारुख अहमद के नाम पर बसपा की लगी मोहर।