मुजफ्फरनगर

कैराना उपचुनाव में भाजपा ने कर दिया ऐसा काम कि पीछे रह गए सभी दल, मच गई हलचल

कैराना सीट भाजपा ने प्रत्याशी की घोषणा से पहले कर दिया यह काम
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शामली। कैराना लोकसभा उपचुनाव के चुनावी रण में भाजपा ने भले ही प्रत्याशी की घोषणा नहीं की हो, लेकिन भाजपा ने पांचों विधानसभा क्षेत्रों में अपने चुनाव कार्यालय खोल दिए हैं। इस काम में भाजपा ने सभी दलों को फिलहाल पीछे छोड़ दिया है। इन चुनाव कार्यालयों से कैराना के रण को जीतने की बिसात बिछाने के साथ-साथ चुनाव प्रबंधन भी किया जाएगा।

इसको लेकर भाजपा ने रविवार को शामली जनपद के कैराना विधानसभा, थानाभवन और शामली में चुनाव कार्यालयों का शुभारंभ किया। कार्यालयों के उद्घाटन कार्यक्रम में जोर-शोर से भाजपा प्रत्याशी को जिताने की बात कही गई। यही नहीं कैराना में कार्यालय के उद्घाटन के अवसर पर भाजपा के दिवंगत सांसद हुकुम सिंह की बेटी और संभावित भाजपा प्रत्य़ाशी मृगांका सिंह भी मौजूद रहीं।

उन्होंने बाकायदा कार्यालय का उद्घाटन किया। कार्यालय उद्घाटन के समय वक्ताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं से भाजपा को जिताने का आह्वान किया और यूपी की योगी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने की बात कही। इस मौके पर भाजपा की दलित नेता और राज्यसभा सांसद कांता कर्दम ने बताया कि भाजपा ने भले ही प्रत्याशी ऐलान न किया हो, लेकिन भाजपा पूर्व की भांति कार्यालय का शुभारंभ पहले ही कर दी है। चुनाव में भाजपा किसी को भी टिकट दे हमारे कार्यकर्ताओं उसी की जीत के लिए प्रयास करते हैं।

आपको बता दें कि कैराना लोकसभा उपचुनाव में राज्यसभा सांसद कांता कर्दम को पार्टी ने दलित वोटों को भाजपा के पक्ष में करने की जिम्मेदारी सौंपी है। चुनाव की घोषणा होने के बाद से ही वे क्षेत्र में चुनाव प्रचार में जुट गईं हैं। दरअसल मेरठ की रहने वाली कांता कर्दम को भाजपा ने राज्यसभा में भेजकर पश्चिमी यूपी में दलितों को बसपा सुप्रीमो मायावती का विकल्प देने की कोशिश है। आपको बात दें कि शनिवार को ही समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल ने गठबंधन के तहत कैराना और नूरपुर विधानसभा सीटों में से एक-एक सीट पर अपने-अपने प्रत्य़ाशियों की घोषणा कर दी।

जहां कैराना लोकसभा सीट से राष्ट्रीय लोक दल की तबस्सुम हसन प्रत्य़ाशी हैं तो वहीं नूरपुर विधानसभा सीट पर सपा ने नईमुल हसन को प्रत्य़ाशी बनाया है। ये दोनों सपा व रालोद गठबंधन के संयुक्त प्रत्याशी हैं, जबकि बसपा और कांग्रेस ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। साथ ही भाजपा द्वारा प्रत्याशी की घोषणा होना अभा बाकी है।

Published on:
06 May 2018 05:46 pm
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