
ज्ञानवापी सर्वे का आदेश देने वाले जज रवि कुमार दिवाकर को ISIS की धमकी | फोटो सोर्स- X (@DiwakarJudge)
Gyanvapi Case Latest News: वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे का ऐतिहासिक फैसला सुनाने वाले जज रवि कुमार दिवाकर को जान से मारने की धमकी मिली है। इस बार आतंकियों ने सोशल मीडिया पर उनकी फोटो पोस्ट करके डराने की कोशिश की है। इस गंभीर मामले को लेकर न्यायाधीश ने मुजफ्फरनगर के SSP संजय कुमार वर्मा को एक पत्र लिखकर अपने और अपने परिवार की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
जज रवि कुमार दिवाकर ने पुलिस को बताया कि दिल्ली पुलिस और यूपी ATS की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है।
जांच में सामने आया है कि 25 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किए गए ISIS के दो आतंकवादियों ने देश के कई हिस्सों को दहलाने की साजिश रची थी।
इन्हीं में से एक आतंकी अदनान खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर जज दिवाकर की तस्वीर पोस्ट की थी। इस तस्वीर पर लाल रंग से 'काफिर' लिखते हुए उसने कैप्शन में बहुत ही आपत्तिजनक और डराने वाली भाषा का इस्तेमाल किया था। आतंकी ने लिखा था कि काफिर का खून तुम्हारे लिए हलाल है, जो तुम्हारे दीन के खिलाफ लड़ रहे हैं। इस धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट मोड पर हैं।
यह पहली बार नहीं है जब जज दिवाकर को निशाना बनाया गया है। साल 2022 में जब वे वाराणसी में तैनात थे, तब उन्होंने शृंगार गौरी मामले की सुनवाई करते हुए ज्ञानवापी परिसर के सर्वे का ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। उस समय उन्हें 'इस्लामिक आगाज मूवमेंट' नामक संगठन से एक धमकी भरा पत्र मिला था, जिसमें उन्हें 'बुतपरस्त हिंदू न्यायाधीश' कहकर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी। जज दिवाकर ने बताया कि मौजूदा धमकी और पुरानी धमकी की भाषा बिल्कुल एक जैसी है, जो किसी बड़ी साजिश की तरफ इशारा करती है।
वर्तमान में मुजफ्फरनगर की फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या तीन में पीठासीन अधिकारी के रूप में कार्यरत जज दिवाकर ने सुरक्षा में की गई कमी पर नाराजगी और चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि साल 2022 में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद से उन्हें कड़ी सुरक्षा मिली हुई थी। बरेली में तैनाती के दौरान उनके पास दो PSO और चौबीसों घंटे रहने वाली सुरक्षा थी। लेकिन 29 नवंबर 2025 को मुजफ्फरनगर में कार्यभार संभालने के बाद से उन्हें केवल दो PSO दिए गए हैं, जो मौजूदा खतरों को देखते हुए बहुत कम है।
जज रवि कुमार दिवाकर अपनी कोर्ट में बहुत कड़क और त्वरित न्याय के लिए जाने जाते हैं। मुजफ्फरनगर आने के बाद उन्होंने पिछले 80 दिनों के अंदर ही एक बड़ा रिकॉर्ड बना दिया है। उन्होंने तीन अलग-अलग बड़े मर्डर केसों की सुनवाई करते हुए 9 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। इतने खूंखार अपराधियों को सजा सुनाने और आतंकियों के रडार पर होने के कारण जज दिवाकर ने मुजफ्फरनगर प्रशासन से तुरंत प्रभाव से उनके घर और उनकी सुरक्षा कडी करने की अपील की है।
Updated on:
25 Jun 2026 10:45 am
Published on:
25 Jun 2026 10:45 am
