
सांकेतिक इमेज- पत्रिका
Rajendra Saini Murder Case: मुजफ्फरनगर में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने शनिवार को चर्चित राजेंद्र सैनी हत्याकांड में दो दोषियों को फांसी की सजा सुनाते हुए कड़ी टिप्पणी की है। जज ने कहा- आरोपी हिंसक मानसिकता के हैं। इसलिए उन्होंने हत्या करने के बाद लाश जलाई। यह मामला 5 जून 2018 का है।
हत्याकांड की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि जिंदगी भगवान की देन है। इसे खत्म करने का हक भी सिर्फ भगवान को है। अगर कोई इंसान किसी दूसरे की जान छीनता है तो उसे खुद भी जिंदा रहने का हक नहीं। कोर्ट ने आगे कहा कि ऐसे खूंखार मामले में अगर कोर्ट कम सजा देकर नरमी बरतेगा तो समाज में बहुत गलत संदेश जाएगा।
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चर्चित राजेंद्र सैनी हत्याकांड में दो दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोनों दोषियों पर 1-1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने दोषी पाए गए गजेंद्र उर्फ गीलू और राम किरण उर्फ सावन को फांसी की सजा सुनाई है और जुर्माना लगाया है।
फांसी की सजा पाने वाले गजेंद्र और सावन ने हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को जलाने की कोशिश की थी। आरोपियों ने टीवी पर क्राइम शो देखकर हत्या का सबूत मिटाने का प्रयास किया था। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा- टीवी शो और फिल्मों में दिखाए गए ‘नो बॉडी-नो केस’ का भ्रम केवल झूठा है। लाख कोशिशों के बाद भी सच नहीं छिपता है। आरोपियों ने शव को जलाकर चेहरा, उम्र और शरीर के निशान मिटाने की कोशिश की, ताकि पुलिस जांच में उलझन बनी रहे।
जज ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपियों के मन में गहरी दुश्मनी और नफरत थी। हत्या के बाद भी उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ, इसलिए उन्होंने लाश को बुरी तरह जला दिया। कोर्ट ने माना कि यह पूरी घटना पूर्व नियोजित और बेहद बेरहमी से अंजाम दी गई थी। इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी वीरसेन की मौत हो चुकी है।
ककरौली गांव के निवासी 35 वर्षीय राजेंद्र सैनी का मीरापुर क्षेत्र के जंगल में घटना 5 जून 2018 को जला हुआ शव मिला था। शव इतना बुरी तरह जल चुका था कि पहचान संभव नहीं हो पाई। बाद में मां के डीएनए सैंपल से राजेंद्र की पहचान हुई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि वीरसेन को शक था कि राजेंद्र उसके साथ उसकी पत्नी से अफेयर चला रहा है। प्रेम प्रसंग के शक के चलते वीरसेन ने गजेंद्र और राम किरण के साथ साजिश रची।
इसके बाद 4 जून 2018 को तीनों ने राजेंद्र को बुलाया, बाइक पर बिठाया और जंगल में ले जाकर शराब पिलाई। जब राजेंद्र नशे में हो गया तो आरोपियों ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। पहचान छिपाने के लिए शव को जला दिया। महावीर नामक व्यक्ति ने अपने खेत में शव मिलने की सूचना पुलिस को दी थी। आठ साल लंबी सुनवाई के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया है।
Published on:
20 Jun 2026 08:06 pm
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