
मुजफ्फरनगर की फैक्ट्री से 12 बंधक मजदूरों का रेस्क्यू | फोटो सोर्स- X(@kumar_mavi)
Muzaffarnagar News: जिस्म पर हंटर के नीले निशान, भूख से तड़पता पेट और आंखों में मौत का खौफ… मुजफ्फरनगर की एक दोना-पत्तल फैक्ट्री से ऐसी ही भयानक वारदात सामने आई है। यहां 6 राज्यों के 12 बेबस मजदूरों को बंधक बनाकर पिछले डेढ़ साल से नरक जैसी जिंदगी जीने पर मजबूर किया जा रहा था। इन मजदूरों से 24-24 घंटे जानवरों की तरह काम लिया जाता और बदले में दिनभर में सिर्फ एक सूखी रोटी दी जाती थी। हद तो तब पार हो गई जब बात न मानने पर एक मजदूर के कान पर गरम भाला मारकर उसका कान तक काट दिया गया। इस फैक्ट्री से अगर कोई मजदूर अपनी जान बचाकर भागने की कोशिश भी करता, तो मालिक उस पर खूंखार पिटबुल कुत्ता छोड़ देता था जो उनके शरीर को नोच डालता था।
फैक्ट्री से छूटे मजदूरों ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि उनसे बिना रुके 24-24 घंटे काम लिया जाता था। पूरे दिन में सिर्फ एक बार एक सूखी रोटी खाने को मिलती थी। अगर कोई थककर बैठ जाता या आपस में बात करता, तो उसे डंडों, हंटरों और भालों से पीटा जाता था। जुल्म की हद तो तब हो गई जब बात न मानने पर एक मजदूर के कान पर गरम भाला मारकर उसका कान ही काट दिया गया।
फैक्ट्री में खौफ का ऐसा माहौल था कि कोई भागने की हिम्मत भी नहीं कर पाता था। मजदूरों ने बताया कि अगर कोई दीवार कूदकर या छिपकर भागने की कोशिश करता, तो फैक्ट्री मालिक उन पर अपना पालतू खूंखार पिटबुल कुत्ता छोड़ देता था। कुत्ता उन्हें बुरी तरह नोच लेता था। इसके बाद पकड़े जाने पर उन्हें अधमरा होने तक पीटा जाता था ताकि बाकी मजदूर डरकर रहें।
मुजफ्फरनगर के एसएसपी ने बताया कि आरोपी बहुत चालाकी से काम करते थे। वे बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, झारखंड और राजस्थान जैसे राज्यों से गरीब मजदूरों को हर महीने 10 से 12 हजार रुपये सैलरी देने का लालच देकर फैक्ट्री लाते थे। लेकिन जैसे ही कोई मजदूर फैक्ट्री के अंदर आता, सबसे पहले उसका मोबाइल छीन लिया जाता था ताकि वह अपने परिवार से बात न कर सकें।
यह मामला सिर्फ मारपीट तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें हत्या का भी शक है। पुलिस के मुताबिक, इस फैक्ट्री से तीन मजदूर गायब हैं। इनमें से नेपाल के रहने वाले अर्जुन नाम के एक मजदूर की लाश नवंबर 2025 में मिल चुकी है। बाकी मजदूरों ने बताया कि आरोपियों की मारपीट की वजह से अर्जुन की मौत हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने लाश को बोरे में बंद करके फेंक दिया था। बाकी दो लापता मजदूरों की तलाश की जा रही है और पुलिस इस केस में हत्या की धारा भी जोड़ने जा रही है।
तितावी थाना क्षेत्र के मांडी गांव में चल रहे इस काम की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन, सहायक श्रम आयुक्त और तहसीलदार की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ वहां अचानक छापा मारा। पुलिस ने मौके से फैक्ट्री मालिक के पिता प्रदीप बालियान और उसके नौकर शिवा त्यागी को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, मुख्य आरोपी और फैक्ट्री का मालिक अंकित बालियान मौके से भाग गया, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
Updated on:
24 Jun 2026 02:17 pm
Published on:
24 Jun 2026 01:40 pm
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