मुजफ्फरनगर

भाकियू ने गन्ना भुगतान के लिए किया दर्जनभर थानों का घेराव, दे डाली बड़ी चेतावनी

गुस्साए किसानों ने कहा लोक डाउन में घर चलाना हुआ मुश्किल स्कूल लगातार बना रहे फीस का दबाव नहीं हो रहा गन्ने का भुगतान

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मुज़फ्फरनगर ( Muzaffarnagar ) शुगर मिलों पर किसानों का करोड़ों रुपए बकाया का पेमेंट ( payment ) ना होने से नाराज भारतीय किसान यूनियन ने सोमवार को आस्तीनें चढ़ा ली। गुस्साए किसानों ने सोमवार को प्रदेशभर के उन थानों में धरने प्रदर्शन ( BKU Protest ) किए जिन थाना क्षेत्रों में शुगर मिल हैं।

इसी कड़ी में भाकियू के गढ़ जनपद मुजफ्फरनगर में भी भारतीय किसान यूनियन ने आठ थाना क्षेत्रों में धरना प्रदर्शन किया। यहां बड़ी संख्या में किसान पुलिस थानों में पहुंच गए और जमकर प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को दोहराया। किसानों की मांग है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भी शुगर मिल किसानों के बकाया का भुगतान नहीं कर रही।

शुगर मिलों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश हैं कि किसानों को उनके गन्ने का भुगतान 14 दिन के अंदर किया जाए। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों में यह भी कहा गया है कि अगर चीनी मिल 14 दिन में गन्ना भुगतान नहीं करते तो उसके बाद बकाया गन्ना भुगतान पर शुगर मिल को ब्याज देना होगा लेकिन उत्तर प्रदेश की कोई भी चीनी मिल किसानों को ब्याज नहीं दे रही। चीनी मिलों की इसी मनमानी के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि भारतीय किसान यूनियन उन सभी थानों में धरना प्रदर्शन करेगी जिन थाना क्षेत्रों में शुगर मिल पड़ती हैं।

इसी क्रम में मुजफ्फरनगर में थाना खतौली, मंसूरपुर, पुरकाजी, रामराज, तितावी, बुढाना, और थाना नगर कोतवाली क्षेत्र की रोहाना पुलिस चौकी और थाना भोपा क्षेत्र की मोरना पुलिस चौकी पर किसानो ने प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ नेता राजू अहलावत ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार शुगर मिल मालिकों से मिलकर काम कर रही है। प्रदेश के गन्ना मंत्री पड़ोसी जिले शामली से आते हैं और उनकी सबसे खास शुगर मिल बजाज हिंदुस्तान शुगर भसाना ( बुढ़ाना) पर सबसे ज्यादा बकाया है। इसके साथ बजाज ग्रुप की ही थाना भवन शुगर मिल पर भी बकाया है।


किसानों ने दी वृहद आंदोलन की चेतावनी
थानों में धरना दे रहे किसानों ने आस्तीनें चढ़ाते हुए अब वृहद आंदोलन की चेतावनी दी है। किसानों ने साफ कह दिया है कि अगर इस आंदोलन के बाद भी उन्हें बकाया गन्ने का भुगतान नहीं किया गया तो वे सड़कों पर उतरेंगे और पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। किसानों ने यह भी कहा है कि अगर सरकार चीनी मिलों पर दबाव नहीं बनाती तो सरकार के खिलाफ ही मोर्चा खोला जाएगा। किसान अब किसी को भी नहीं बख्शेंगे। किसानों को अपने गन्ने का भुगतान चाहिए अपनी फसल का भुगतान समय पर चाहिए।

Updated on:
17 Aug 2020 10:11 pm
Published on:
17 Aug 2020 06:51 pm
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