मुजफ्फरनगर

कैंडल मार्च से पहले बवाल: सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी पर हमला, करणी सेना से भिड़ंत

मुजफ्फरनगर में सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी के कैंडल मार्च से पहले हंगामा मच गया। करणी सेना से टकराव के बाद मारपीट हुई। पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की है।

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वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट

मुजफ्फरनगर में उस समय तनाव फैल गया। जब समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जिया चौधरी पर कथित तौर पर हमला किया गया। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में निकाले जाने वाले कैंडल मार्च से पहले सपा और करणी सेना भारत के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।

मुजफ्फरनगर शहर में शुक्रवार शाम राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के बीच विवाद ने उग्र रूप ले लिया। सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी अपने समर्थकों और पार्टी नेताओं के साथ बांग्लादेश में हिंदुओं पर कथित अत्याचार और कनाडा में भारतीय छात्रों की हत्या के विरोध में कैंडल मार्च निकालने की तैयारी कर रहे थे। मार्च शुरू होने से पहले ही करणी सेना भारत के प्रदेश सचिव गौरव चौहान अपने समर्थकों के साथ सपा कार्यालय के बाहर पहुंच गए।

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कहासुनी के बाद दोनों पक्षों में मारपीट

आरोप है कि इसी दौरान कहासुनी शुरू हुई। और देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पहले करणी सेना के समर्थकों ने सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ हाथापाई की। अचानक हुए हमले से सपा कार्यकर्ता संभल नहीं पाए। लेकिन कुछ ही देर बाद उन्होंने भी पलटवार किया। दोनों ओर से जमकर मारपीट हुई। जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस ने शांति भंग की धारा में दोनों पक्षों का किया चालान

सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। और हालात काबू में करने की कोशिश की। पुलिस ने गौरव चौहान और उनके कुछ समर्थकों को हिरासत में लिया। इसके बावजूद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक होती रही। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने शांति भंग की आशंका में दोनों ओर के लोगों का धारा 151 के तहत चालान कर दिया।

संगीत सोम के बयान को लेकर बढ़ा विवाद

इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में हाल ही में दिया गया एक राजनीतिक बयान भी बताया जा रहा है। दरअसल, दो दिन पहले पूर्व विधायक संगीत सोम द्वारा अभिनेता शाहरुख खान को लेकर की गई टिप्पणी पर जिया चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। इसी बयान से नाराज होकर करणी सेना के पदाधिकारियों ने विरोध जताया। जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गया। घटना के बाद सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने पुलिस से तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। वहीं, हिरासत के विरोध में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइन थाने का घेराव कर नारेबाजी की और सपा नेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।

सपा जिलाध्यक्ष बोले- उनका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन

सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि वे किसी व्यक्तिगत विवाद में शामिल नहीं हैं। उनका उद्देश्य केवल अंतरराष्ट्रीय घटनाओं के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना था। दूसरी ओर, गौरव चौहान ने अपने बयान में कहा कि सनातन धर्म से जुड़ी किसी भी टिप्पणी का वे विरोध करेंगे। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

Updated on:
03 Jan 2026 12:37 pm
Published on:
03 Jan 2026 12:36 pm
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