खास बातें- जल संचयन की मीटिंग के दौरान डीएम सेल्वा कुमारी जे ने अधिकारियों को हड़काया सही जानकारी नहीं देने पर डीएम ने परियोजना डायरेक्टर को डायस से जाने को कहा मुजफ्फरनगर में जल शक्ति अभियान की समीक्षा बैठक का मामला
मुजफ्फरनगर. जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे (Selva kumari J) ने जिला पंचायत सभागार में जल शक्ति अभियान के संबंध मे अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए कड़े निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अपने कार्य के प्रति सचेत हो जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर जिले की रैंकिंग अगर विभागों की शिथिलता से कम होती है तो संबंधित विभागीय अधिकारियों को उसका परिणाम भुगतना होगा। इस दौरान जिलाधिकारी ने अपने पास डायस पर बैठे परियोजना डायरेक्टर से संबंधित कार्यों की जानकारी मांगी तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जिसके बाद उन्होंने डायरेक्टर को फटकार लगाते हुए डायस से भगा दिया।
दरअसल, मुजफ्फरनगर में जल शक्ति अभियान की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. के तेवर बेहद सख्त नजर आए। जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी ने शनिवार को जल शक्ति अभियान की समीक्षा करते हुए अपने कड़े तेवर एक बार फिर से अफसरों को दिखाते हुए कहा कि जल शक्ति अभियान में किसी भी प्रकार की कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जब डायस पर अपने पास बैठे परियोजना डायरेक्टर से अभियान को लेकर जानकारी मांगी तो वह सही आंकड़े प्रस्तुत नहीं कर पाए। इस पर डीएम ने उनको कड़ी फटकार लगाते हुए डायस से चले जाने को कहा। इसके बाद वह वहां से उठकर नीचे बैठ गए।
बताया जा रहा है कि जल शक्ति अभियान में वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण के लिए जिला पंचायत सभागार में डीएम सेल्वा कुमारी जे. अभियान की प्रगति को लेकर समीक्षा कर रही थीं। इसी बीच डायस पर उनके साथ डीआरडीए के परिजयोजना डायरेक्टर जयप्रकाश यादव भी बैठे हुए थे। जिलाधिकारी ने उनसे अभियान को लेकर आंकड़े देने को कहा, तो मौके पर जयप्रकाश यादव के द्वारा हड़बडाहट में सही जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। डीएम ने ये देखकर कड़ी नाराजगी जताई।
अभियान को लेकर लगातार उनकी कड़ी चेतावनी जारी करने के बाद भी कार्य के प्रति गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। इस पर उन्होंने जयप्रकाश यादव को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि जब आपके पास सही जानकारी नहीं है तो यहां कर क्या रहे हैं। डीएम ने उनको डायस छोडऩे के लिए कहा तो वह वहां से अपनी फाइल समेटकर नीचे आकर बैठ गए। डीएम का यह सख्त रवैया देखकर समीक्षा बैठक में मौजूद सभी अधिकारियों के पसीने छूट गए।