Highlights गंगा स्नान पर हार बार की तरह लगा मेला मेले में आक्रषण का केंद्र बनी बुजुर्ग भंवरकली हुक्के के साथ स्मार्ट फोन लेकर बैठी बुजुर्ग दादी
मुजफ्फरनगर। जिले में तीर्थ नगरी के नाम से विख्यात शुकतीर्थ में गंगा किनारे सैंकड़ों सालों से आयोजित होने वाले गंगा स्नान मेले में एक से एक अद्भुत नजारे देखने को मिल रहे है। इसमें पहला नजारा एक तंबू में देखने को मिला। जिसमे गांव घटायन की निवासी महिला भंवर कली को एक हाथ मे हुक्का तो दूसरे हाथ मे एंड्राइड मोबाइल फोन दिया हुआ है। 70 वर्षीय महिला भंवर कली प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखती है । तिरपाल से बने टैंट में बैठी भंवरकली के एक हाथ में हुक्के का पाईप है तो दूसरे हाथ में एन्ड्रॉयड मोबाईल रखती हैं।
बदलते समय के साथ बदलाव जरूरी
भंवरकली ने बताया कि बदलते जमाने के साथ उन्होंने खुद को बदल लिया है। हुक्का अगर पुरानेपन का एहसास कराता है, तो एन्ड्रॉयड मोबाइल आधुनिकता का परिचय देता है। पिछले 5 दशकों से वह शुकतीर्थ मेले में आ रही है। कभी वह बहू थी। आज वह पौत्रों की दादी है। भंवरकली को लोकगीत भी पसंद है। कुछ नये गाने भी पसन्द है। भंवरकली हुक्का पीने के बावजूद युवाओं को नशे के सेवन से दूर रहने की बात करती हैं। भंवरकली नये ज़माने को समय का परिवर्तन बताती हैं। उनका फेसबुक पर अपना अकाउंट भी है। वही बता दें कि गंगा स्नान मेले में लगे तम्बुओं में बुज़ुर्गों की मौजूदगी न के बराबर ही है। फिर भी कुछ तम्बुओं में नई पुराने दौर के संगम का दृश्य आपको मिल ही जायेगा। भंवरकली का अंदाज़ भले ही पुराना हो पर नीरस बिलकुल नहीं है भँवरकली का हुक्के की गुडग़ुड़ाहट उनके आत्मविश्वास और जीवटता का एहसास करा रही है।