मुजफ्फरनगर

Valentines Day: क्रांति शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने प्रेमी जोड़ों को घेरा, पुलिस से जमकर हुई धक्का-मुक्की, देखें वीडियो

Highlights: -कुछ दिन पहले ही क्रांति शिवसेना द्वारा वेलेंटाइन डे के विरोध में पार्टी कार्यालय पर लट्ठ पूजन किया था -जिसमें उन्होंने कहा था कि वैलेंटाइन डे की आड़ में जनपद के होटलों व रेस्टोरेंटों में अश्लीलता फैलाई जाती है -जिसका क्रांति शिवसेना पूरी तरह से विरोध करती है
2 min read
screenshot_from_2020-02-14_17-00-31.jpg

मुजफ्फरनगर। दुनियाभर में 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के रूप में मनाया जाता है। लेकिन, मुजफ्फरनगर की बात करें तो यहां वेलेंटाइन डे पर हिन्दू संगठनों ने पहरा बैठा दिया है। जिसके चलते एक रेस्टोरेंट में कार्यकर्ताओं ने कुछ प्रेमी जोड़ों को घेर लिया। जिसकी सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की और झड़प भी हुई। वहीं पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद रेस्टोरेंट से युवक-युवतियों को वहां से बाहर निकाला और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर थाने ले आई।

बता दें कि कुछ दिन पहले ही क्रांति शिवसेना द्वारा वेलेंटाइन डे का विरोध करते हुए अपने पार्टी कार्यालय पर लट्ठ पूजन किया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि वैलेंटाइन डे की आड़ में जनपद के होटलों व रेस्टोरेंटों में अश्लीलता फैलाई जाती है। जिसका क्रांति शिवसेना पूरी तरह से विरोध करती है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर 14 फरवरी को कोई प्रेमी जोड़ा में किसी रेस्टोरेंट या होटल में पाया गया तो उसकी क्रांति शिवसेना लाठी से खबर लेगी।

शुक्रवार को दिन निकलते ही क्रांति शिव सेना कार्यकर्ताओं ने रेलवे रोड स्थित एक चर्चित रेस्टोरेंट में पहुंचकर वहां चार युवक व युवतियों को पकड़ लिया। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस और क्रांति शिवसेना कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हुई। पुलिस ने करीब आधा दर्जन दर्जन से अधिक क्रांति शिवसैनिकों को हिरासत में लेकर थाने में बैठा दिया।

इस दौरान क्रांति शिवसेना के अध्यक्ष ललित मोहन शर्मा ने बताया कि हमारे द्वारा पहले ही वेलेंटाइन डे का विरोध किया गया था। जिसके चलते हमने लट्ठ पूजन भी किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के संरक्षण में जनपद के कई रेस्टोरेंटों व होटलों में वेलेंटाइन डे की आड़ में गोरखधंधा चलता है। जिसमें 200 रुपये से 2000 रुपये घंटा तक कमरे दिया जाते हैं। जिसमें ज्यादातर नाबालिक युवतीया व बालिग लड़के होते हैं। उनके द्वारा पहले ही चेतावनी दी गई थी। जिसके चलते उनके कार्यकर्ता होटलों में रेस्टोरेंट में जाकर चैटिंग कर रहे थे कि कहीं कोई इस तरह का मामला तो नहीं है।

Updated on:
14 Feb 2020 05:03 pm
Published on:
14 Feb 2020 05:02 pm
Also Read
View All
Muzaffarnagar: ‘दूसरी जिंदगी मिल गई’, एक मजदूर के भाग निकलने के बाद खुली कहानी! बंधुआ मजदूरों ने सुनाई कैद की दास्तां

‘सूखी रोटी दी और जानवरों का चारा खिलाया, कुत्तों से कटवाया’, मुजफ्फरनगर बंधुआ मजदूर कांड’ पर फूटा प्रियंका गांधी का गुस्सा

‘काफिर का खून हलाल है’, ज्ञानवापी सर्वे का आदेश देने वाले जज को ISIS की धमकी, सुरक्षा में कटौती का आरोप

दो साल तक कैद जैसी जिंदगी… चोकर की रोटी, डंडों की मार और पिटबुल का पहरा; जानें कैसे छूटे मुजफ्फरनगर की फैक्ट्री से मजदूर

युवराज सिंह के साथ क्रिकेट खेला, पार्षद रहा, फिर बना कुख्यात अपराधी, दिमाग हिला देगी मुजफ्फरनगर में मारे गए बदमाश की कहानी