मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक मुजफ्फरनगर पहुंचे। जहां महामहिम सबसे पहले तो थाना मंसूरपुर क्षेत्र के घासीपुरा में स्थित एक मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने विधि विधान के साथ पूजा अर्चना कर आरती में भाग लिया। जिसके बाद राज्यपाल सिंह सत्यपाल मलिक समाजवादी पार्टी के नेता पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक के प्रेमपुरी स्थित आवास पर पहुंचे।
राज्यपाल से मिलने के लिए क्षेत्र के लोगों की भारी भीड़ मौजूद रहे इस दौरान राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने मीडिया से बातचीत की। उन्होने कहा कि किसानों को किए गए वादे पुराना करने के सवाल पर कहा कि सरकार किसानों के वायदे पूरा नहीं कर रही। अभी एक बार फिर किसानों को लड़ाई में जाना पड़ेगा खास तौर पर एमएसपी वाला जो मामला है। सरकार ने पहले किसानों की बात क्यों नहीं मानी पर उन्होंने कहा कि इस बात को मैं क्या जानू क्योंकि मैं तो सरकार नहीं हूं मैंने तो समझा था। इन्हें कुछ बातें बाद में मानी पहले नहीं मानी थी उन्होंने कहा कि हो सकता है किसानों को आंदोलन करना पड़ेगा। क्योंकि किसानों का धरना ही तो समाप्त हुआ है आंदोलन समाप्त नहीं हुआ उन्होंने कहा कि पश्चिम उत्तर प्रदेश की राजनीति सही दिशा में जा रही है, यहां का किसान मेहनती है मेहनत करता है खेती करता है।
उन्होंने कहा था कि उन्हें 300 करोड रुपए की रिश्वत का ऑफर आया था उस पर सीबीआई जांच के सवाल को लेकर उन्होंने कहा कि मैंने जो आरोप लगाए थे उसमें सीबीआई जांच चल रही है। जिस जिस को यहां रेड पड़ी है वहां बहुत मोटा माल मिला है। मुझसे पूछताछ होगी जब मैं रिटायर्ड हो जाऊंगा। तो मैं सीबीआई को और भी बताऊंगा कि, वहां क्या-क्या हो रहा है।
उन्होंने कहा कि जब जांच पूरी हो जाएगी तो बहुत लोग फ़सेंगे इस मामले में बड़े बड़े लोग देश में चल रहे लाउडस्पीकर और बुलडोजर के मामले के सवाल पर उन्होंने कहा कि देश विनाश की ओर जा रहा है इस वक्त देश में ना महंगाई पर बात हो रही है ना बेरोजगारी पर बात हो रही है बेरोजगार सड़क पर मारा मारा फिर रहा है ना उस पर बात हो रही है बात को नहीं सोते हो रही है जिनका कोई मतलब नहीं उन्होंने कहा कि मैं कहना चाहूंगा हिंदू और मुसलमानों से इन जाली मामलों को छोड़कर जिन पर आपको लड़ाया जा रहा है इन पर मत लड़ो।
बनारस में ज्ञानवापी मस्जिद के मामले में उन्होंने कहा कि यह तो 70 सालों से थी वहां अब अचानक लोगों ने उठा लिया मामला यूपी में बुलडोजर के मामले में उन्होंने कहा कि यहां इनका बुलडोजर चल गया तो चला रहे हैं। एकदम ऐसा नहीं करना चाहिए। जब लोगों के सर से छत गायब होती है तो सब सोचो कि क्या होता है।