खाद्य विभाग की टीम ने कैराना रोड स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में छापामारी करते हुए करीब 7 कुंतल सिंथेटिक रसगुल्ले बरामद किए हैं।
शामली। त्योहारी सीजन शुरू होते ही मिलवाट का गोरखधंधा खूब बढ़ जाता है। चंद रुपये कमाने के लिए लोगों की जिंदगियों से खिलवाड़ किया जाता है और मिलवाटी मिठाईयां दुकानों पर धड़ल्ले से बेची जाती हैं। अगर आप भी इस दिवाली पर मिठाई खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो जरा सावधान रहें। ऐसा ही कुछ शामली जिले में देखने को मिला।
जहां खाद्य विभाग की टीम ने कैराना रोड स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में छापामारी करते हुए करीब 7 कुंतल सिंथेटिक रसगुल्ले बरामद किए हैं। टीम ने उक्त रसगुल्लों के सैंपल जांच के लिए भेजते हुए रसगुल्लों को नष्ट करने के निर्देश दिए हैं। विभाग द्वारा की गई कार्रवाई से मिठाई विक्रेताओं में हडकंप मचा हुआ है, जबकि कोल्ड स्टोरेज का मालिक और मिठाई विक्रेता अभी फरार है।
दरअसल, दीपावली पर्व के नजदीक आने के साथ ही सिंथेटिक मावे का काला कारोबार शुरू हो जाता है। लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले ऐसे लोगों के खिलाफ जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह के आदेश पर जिला खाद्य विभाग की टीम ने गांव कंडैला स्थित नेक्टर कोल्ड स्टोरेज पर छापेमारी की। मुख्य खाद्य अधिकारी मनोज तोमर ने विभाग की टीम और पुलिस अधिकारियों को साथ लेकर तलाशी ली तो वहां से 1503 कनस्तर सिंथेटिक रसगुल्ले बरामद हुए।
टीम को आता देख आरोपी कोल्ड स्टोरेज संचालक तथा अन्य लोग मौके से फरार हो गए। इसके बाद टीम ने सभी रसगुल्लों को कब्जे में लेकर परीक्षण के लिए भेज दिया है, जबकि रसगुल्लों को नष्ट करने के निर्देश दिये है। खाद्य अधिकारी का कहना है कि स्टोर में रहने वाले कुछ लोगों ने बताया कि उक्त रसगुल्ले जनपद मेरठ के गांव हर्रा निवासी शकील के हैं, जिसने कोल्ड स्टोरेज में अपना माल लगाया था। टीम ने मामले में लिखा पढ़ी करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग द्वारा की गई कार्रवाई से मिठाई विक्रेताओं में हडकंप मच रहा, जबकि कोल्ड स्टोरेज का मालिक और मिठाई विक्रेता अभी फरार है।