मुजफ्फरनगर

यूपी पुलिस का कारनामा: लापता मासूम को बरामद कर अज्ञात महिला को सौंपा, परिजन थाने पहुंचे तो हुआ गलती का अहसास

मुजफ्फरनगर के खतौली में खेलते-खेलते अचानक लापता हुआ पांच साल का मासूम

2 min read

मुजफ्फरनगर. यूपी पुलिस की एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है। दरअसल, एक लापता हुए 5 साल के मासूम बच्चे को पुलिस ने बरामद कर अज्ञात महिला को सौंप दिया। जब पीड़ित परिवार को यह पता चला तो थाने में हंगामा खड़ा हो गया। बच्चे के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। इतना ही नहीं पुलिस ने अज्ञात महिला को बच्चा देते समय कोई पहचान पत्र भी नहीं मांगा और ना ही उससे उसकी जानकारी ली। अब पुलिस बच्चे और उस महिला को तलाश करने में जुट गई। पीड़ित परिवार और पुलिस की सांस में सांस जब आई तब पुलिस के पास मेरठ के सदर थाने से फोन आया और बच्चे के बरामद होने की सूचना दी। इसके बाद एसएचओ ने एक दरोगा को मासूम मयंक को वापस मुजफ्फरनगर लाने के लिए भेज दिया।

दरअसल, मामला थाना खतौली क्षेत्र का है। जहां कस्बे के मोहल्ला शिवपुरी में एक रस्म पगड़ी संस्कार में मेरठ के अलीपुरा से अपने परिजनों के साथ आया 5 साल का मयंक बाहर खेल रहा था और खेलते-खेलते अचानक लापता हो गया। इसके बाद उसे काफी तलाश किया गया, लेकिन वह नहीं मिला। इसी बीच कस्बा खतौली में जानसठ चौराहे के पास एनएच-58 से कुछ लोगों को मयंक रोता हुआ दिखाई दिया, जिस पर उन्होंने यूपी डायल 100 पर फोन कर दिया और यूपी डायल 100 की पीआरवी वैन बच्चे को खतौली कोतवाली लेकर पहुंच गई। कुछ देर बाद एक अज्ञात महिला थाने में आई और उस बच्चे को अपना बताकर अपने साथ ले गई। इसके बाद लापता बच्चे के परिजन गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाने जैसे ही थाने पहुंचे और उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी हुई तो उनके पैरों तले की जमीन सरक गई। इसके बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों ने जमकर थाने में हंगामा किया। वहीं पुलिस को अपनी गलती का अहसास हुआ, क्योंकि पुलिस ने महिला को बच्चा सौंपते हुए न तो उससे उसकी पहचान मांगी और न ही उससे बच्चे और उसके संबंधों के बारे में जानकारी की और आंखें बंद कर उसे बच्चे को सौंप दिया।

ये भी पढ़ें

शराब पिलाकर दोस्‍त की हत्‍या करने वाले को मिली ऐसी दर्दनाक सजा

परिजनों द्वारा शिकायत करने के बाद पुलिस हरकत में आई और पुलिस ने लापता बच्चे मयंक को तलाशना शुरू कर दिया। लापता बच्चे की मां पायल ने बताया कि वह यहां रिश्तेदारी में एक तेरहवीं में आए हुए थे और 2 बजे के आसपास जब रस्म पगड़ी की रस्म शुरू हुई तो मयंक लापता हो गया और जब उसे ढूंढा गया तो कुछ लोगों ने बताया कि उन्होंने उसे थाने में दे दिया, मगर पुलिस ने उसे एक महिला को दे दिया, जिसका कोई अता-पता भी नहीं है। इसके बाद पीड़ित परिवार और पुलिस की अटकी सांसो में सांस उस समय जब मेरठ के सदर थाने से बच्चे के बरामद होने की सूचना मिली। देर रात ही खतौली थाने के प्रभारी निरीक्षक अंबिका प्रसाद ने एक दरोगा को मासूम मयंक को मुजफ्फरनगर लाने के लिए भेज दिया था और इस तरह दरोगा जितेंद्र ने मासूम मयंक को लाकर उसके परिजनों को सौंप दिया।

ये भी पढ़ें

बंद घर में पत्‍नी के सामने तड़प-तड़पकर मर गया पति‍, लेकिन 24 घंटे तक कुर्सी पर बैठी रही लाचार महिला
Published on:
19 Dec 2017 10:49 am
Also Read
View All