
मुजफ्फरनगर. शहर में एक ऐसा दर्दनाक मौत का मातम देखने को मिला जिसे सुनकर आपके भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे। यहां एक मकान का दरवाजा 24 घंटे तक बंद रहा और जब मौहल्ले वालों ने पुलिस को सूचना दी तो दरवाजा खोला गया। जहां बंद दरवाजे के अंदर एक बुजुर्ग व्यक्ित का शव पड़ा था। दरअसल बिस्तर से गिरने के चलते उसकी पत्नी के सामने ही मौत हो गई, लेकिन बेबस पत्नी अपाहिज होने के चलते 24 घंटे से कुर्सी पर बैठकर अपने पति के शव को उठाने का इंतजार कर रही थी। वह इतनी लाचार थी कि न तो मृत पड़े पति को छू सकती थी और न ही घर के दरवाजे खोल सकती थी। जब पुलिस घर के दरवाजे तोड़कर अंदर घुसी तो महिला के आंसू सुख चुके थे और घर मे घुसने वाले हर व्यक्ति की आंखों में आसू थे।
दरअसल मामला थाना नई मंडी कोतवाली क्षेत्र की आदर्श कालोनी का है। जहां मोहल्लेवासियों ने आत्माराम के मकान की कई दिनों बंद होने की खबर पुलिस को दी। इसी सूचना पर जब पुलिस मौके पर पहुंची तो मकान का दरवाजा अंदर से बंद था। उसी समय पुलिस ने इस मकान में रहने वाले व्यक्ति के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि मकान में एक बुजुर्ग दंपती आत्माराम गर्ग व ओमवती रहते हैं। पुलिस को यह भी पता चला कि बुजुर्ग दंपती के दो बेटे रविंद्र व संजीव हैं, जिनमें से एक गुड़गांव में नौकरी करता है तो दूसरा रुड़की में नौकरी करता है। पुलिस ने दोनों बेटों को संपर्क किया और पूरी स्थिति बच्चों को बताई। तभी रुड़की में रहने वाले एक बेटे ने मौके पर आने से ही मना कर दिया तो दूसरे बेटे ने जल्द घर पहुंचने के लिए कहा। कई घंटों के इंतजार के बाद जब दूसरा बेटा भी घर पर नहीं पहुंचा तो मोहल्लेवासियों की मदद से पुलिस ने मकान के दरवाजे खुलवाए। अंदर का नजारा देखने के बाद पुलिस और मोहल्ले के लोगों की आंखों में आंसू थे। दरअसल, बुजुर्ग अपाहिज महिला कुर्सी पर बैठी थी और उसके सामने उसका पति मृत अवस्था में पड़ा हुआ था। दुर्भाग्य देखिए कि महिला अपाहिज होने की वजह से अपने पति को न छू सकती थी और न किसी को बता सकती थी। पुलिस ने सबसे पहले उस महिला को जिला चिकित्सालय भिजवाया, क्योंकि महिला की हालत पिछले कई घंटों से एक ही जगह बैठे-बैठे मौत के समान हो चुकी थी। मौका-ए-वारदात को देखने के बाद ऐसा लग रहा था कि बुजुर्ग जिस बिस्तर पर सो रहा था वह अचानक उससे नीचे गिरा और गिरने के बाद उसकी मौत हो गई।
महिला की जब आंख खुली तो उसने अपने पति को जमीन पर पड़े देखा, लेकिन महिला पैरों से अपाहिज थी इसलिए कुर्सी पर बैठकर अपने पति की मौत का तमाशा 24 घंटे तक देखती रही। उस महिला के आंसू 24 घंटे से ज्यादा होने की वजह से सूख चुके थे। वह इंतजार कर रही थी कि कोई दरवाजा खोलकर अंदर आए और उसकी मदद करे। जब तक पुलिस और मोहल्लेवासी उसकी मदद करने के लिए घर में घुसे तो बहुत देर हो चुकी थी। महिला के पति की मौत हो चुकी थी और महिला भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही थी। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया, लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि कई घंटों तक सूचना देने के बाद भी बुजुर्ग दंपती के बेटे मौके पर नहीं पहुंचे। मोहल्लेवासियों की आंखें नम थी, लेकिन जवाब किसी के पास नहीं था। हालांकि ऐसे में हर किसी की जुबान पर एक ही वाक्य था कि इससे तो बिन औलाद ही अच्छे हैं।
Published on:
18 Dec 2017 10:14 am
बड़ी खबरें
View Allमुजफ्फरनगर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
