मुस्लिम परिवार की सभी कर रहे हैं तारीफ
मुज़फ्फरनगर. गोरक्षा के नाम पर एक ओर जहां देश में जगह-जगह निहत्थे मुसलमानों और दिलतों को निशाना बनाया जा रहा है। गोरक्षकों का आतंक इतना बढ़ चुका है कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान को मुस्लिमों डेयरी उद्योग से उलग होने की अपील तक करनी पड़ी है। वहीं, कुछ मुस्लिम परिवारों ने कथित गोरक्षकों के आतंक से अपने परिवार को बचने के लिए अपनी गायों को मुफ्त में पुलिस के हवाले कर रहे हैं। ऐसे माहौल में मुजफ्फरनगर में एक मुस्लिम परिवार ने सद्भावना की बड़ी मिसाल पेश करते हुए अपनी पौने दो बीघा जमीन श्री बालाजी धाम मंदिर सेवा समिति को गौशाला के लिए दान कर दी है। इसके साथ ही इलाके के मुसलमान यहां गौशाला के निर्माण में भी सहयोग किया।
जमीन दान देने वाले की हो रही है तारीफ
गौशाला को जमीन दान देने पर कस्बे में सभी समाज के लोगों ने मुस्लिम परिवार की जमकर तारीफ की है। वहीं, दूसरी ओर गौशाला की भूमि पूजन में मुस्लिमों ने सहयोग देकर आपसी भाईचारे का संदेश दिया। आपको बता दें कि 4 साल पहले इसी मुज़फ्फरनगर में मामूली सी बात को लेकर दोनों समुदायो में दूरियां बढ़ गई थी। मगर शरबत अली के परिवार जैसे लोग दोनों समुदायों मेें आपसी मतभेद भुलाकर मिलजुल कर रहने का संदेश दे रहे हैं।
जनपद मुजफ्फरनगर में थाना पुरकाजी क्षेत्र के कस्बा पुरकाजी में एक मुस्लिम शरबत अली के परिवार ने गौशाला के लिए पौने दो बीघा जमीन दान देकर हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश की है। इसे देखर ये कहा जा सकता है कि जहां हिंदू धर्म में गायों को मां समझा जाता है और उसकी पूजा करते हैं। वहीं, मुस्लिम भी गाय की सेवा कर सकते हैं। इसी नजरिए के साथ शरबत अली के परिवार ने भी गय में अपनी आस्था जताई है। जहां एक ओर राजनितिक पार्टियां हिंदू और मुस्लिमों के बीच धर्म की दीवार खड़ी कर अपना स्वार्थ हासिल करने में लगी हैं। वहीं, पुरकाजी के शरबत अली के परिवार ने श्री बालाजी धाम सेवा समिति को अपनी पौने दो बीघा जमीन दान में देकर साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल कायम की है। वहीं गौशाला के लिएर रास्ते की समस्या का समाधान मलखान सैनी ने किया। उन्होंने भी गौशाला में जाने के लिए रास्ते के लिए जमीन दी है।
पंडि़त धनश्याम दास
गुरु जी के सानिध्य में सोमवार को यजमान जेई राम निवास त्यागी, डॉ. संदीप वर्मा ने गौशाला के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया, जिसके बाद गौशाला का निर्माण कार्य का शुभारंभ हुआ। माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह गौशाला हिंदू -मुस्लिम एकता का प्रतीक बनेगा और इस गौशाला के निर्माण के बाद पुरकाजी में अब गौ माता को सड़कों पर नहीं घूमना पड़ेगा।