मुजफ्फरनगर

मिसालः जेल में बंद इन माताआें के बच्चों को पुलिस ने भेजा स्कूल

पुलिस के इस कदम हो रही वाह-वाही

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muzaffarnagar jail
इन अपराधियों के लिए पुलिसकर्मियों ने उठाया ये बड़ा कदम, अपराधी भी हुए खुश

मुजफ्फरनगर।यूपी के मुजफ्फरनगर जिले में जिला कारागार प्रशासन की अनूठी पहल देखने को मिली है।जहां जेल अधीक्षक ने जिला कारगार में बंद माताआें के लिए एेसा कदम उठाया।जिसके बाद जेल में अलग अलग आरोपों में बंद माताआें में खुशी होने के साथ ही बाहरी लोग भी वाह-वाह कर रहे है।दरअसल पुलिस अधिकारी ने अपनी बंदी मां के साथ जेल में रह रहे बच्चों को शिक्षा दिलाने की पहल की है। उनका एक प्राइवेट स्कूल में दाखिला कराया गया। आज से उनकी पढ़ाई भी शुरू हो गई है।

वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें-जेल प्रशासन की अनूठी पहल

प्राइवेट स्कूल में कराया दाखिला

दरअसल मुजफ्फरनगर जिला कारागार में कुल 12 बच्चों में से चार बच्चों को पुलिस अधिकारियों ने मॉडर्न स्कूल में दाखिला दिलाया है।जेल अधीक्षक अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मुजफ्फरनगर की पहचान क्राइम के नाम से होती है।हम नहीं चाहते कि जेल में अपराध करके आई महिलाओं के साथ उनके मासूम बच्चे अपराध का रास्ता चुने।इसलिए उन्हें पढ़ा लिखाया जा रहा है। आज से उन्हें स्कूल भेजा जा रहा है।उन्होंने यह भी बताया कि जिला कारागार में महिला बंदियों के साथ 12 बच्चे भी रह रहे हैं।इनमें 8 बच्चे बहुत छोटे हैं।जबकि 4 बच्चों की उम्र लगभग चार-चार साल हो चुकी है। एेसे में इन्हें पढ़ाना-लिखाना जरूरी है।

पुलिस के साथ इस संस्था ने ली खर्च की जिम्मेदारी

जानकारी के अनुसार इसमें मुजफ्फरनगर के एसएसपी अनंत देव तिवारी के साथ समाजसेवी संस्था आर्ट ऑफ लिविंग की श्रीमती सोनिया लूथरा का भी विशेष सहयोग है।इन बच्चों के पढ़ाई लिखाई किताब और यूनिफार्म का खर्चा पहले जेल प्रशासन ने उठाने का मन बनाया था।लेकिन इस बीच आर्ट ऑफ लिविंग ने बच्चों की यूनिफॉर्म किताबें और फीस की जिम्मेदारी ली है।सभी बच्चों का दाखिला पुलिस लाइन में पुलिस मॉडर्न स्कूल में कराया गया है।आज सुबह 8:00 बजे जेल अधीक्षक अरुण कुमार त्रिपाठी ने हंसी खुशी के साथ बच्चों को जेल कर्मी की देख रेख में स्कूल के लिए रवाना किया।

Published on:
16 Jul 2018 01:10 pm
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