4 वर्षीय बेटा तथा 8 वर्षीय बेटी शुक्रवार को घेर में स्थित बैठक मे एक चारपाई पर खेलते खेलते रजाई ओढ़ कर सो गए थे।
शामली। झिंझाना के पुरमाफी गांव में शुक्रवार की देर शाम जलती हुई मोमबत्ती बिस्तर में गिरने से उस पर सो रहे दो मासूम बुरी तरह झुलस गए। जिसके बाद परिजन उन दोनों भाई-बहन को शामली के निजी नर्सिंग होम में ले गए, जहां डॉक्टरों ने 4 वर्षीय बच्चे को मृत घोषित कर दिया। वहीं 8 वर्षीय बच्ची को उपचार के बाद छुट्टी दे दी। मासूम की मौत से घर में कोहराम मचा है । आज सुबह गांव में बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार झिंझाना से 5 किमी की दूरी पर गांव पुरमाफी मे सोमपाल कश्यप के दो बच्चे जिसमें 4 वर्षीय बेटा तथा 8 वर्षीय बेटी शुक्रवार को घेर में स्थित बैठक मे एक चारपाई पर खेलते खेलते रजाई ओढ़ कर सो गए थे। शाम के लगभग 8:30 बजे इसी चारपाई के ऊपर दीवार में लगे लकड़ी के गुटके पर मोमबत्ती जल रही थी। अचानक वह बिस्तर के ऊपर गिर गई, जिस वजह से चारपाई पर पड़े बिस्तर में आग लग गई।
बताया गया कि घटना के समय बच्चों की दादी व बुआ पास में ही स्थित मकान में गई हुई थी। शोर मचने के साथ बच्चों के ताऊ अनुज, दादी शिमला, बुआ रितू आदि लोग दौड़कर घटनास्थल पर पहुंचे। तब तक दोनों बच्चों के चेहरे व हाथ पैर 50 प्रतिशत से अधिक जल चुके थे। घटना में बच्चों का ताऊ अनुज भी झुलस कर घायल हुआ है।
परिजन दोनों बच्चों को लेकर तुरंत ही रात में शामली के एक निजी नर्सिंग होम में पहुंचे तो डॉक्टरों ने 4 वर्षीय बेटे को मृत घोषित कर दिया और बेटी को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी। घटना से घर और गांव में कोहराम मचा है। परिजनों ने यह भी बताया कि सोमपाल अपनी पत्नी व दो बच्चों के साथ कैराना में रहकर ओटो चला कर गुजर-बसर कर रहा है और उसके दोनों बच्चे गांव में अपनी दादी के पास रहते थे।