परिजनों ने मामले का ऑडियो किया वायरल तो प्रशासन में मचा हड़कंप
मुजफ्फरनगर. अभी तक आपने निजी अस्पतालों की मनमानी और पैसे अदा नहीं करने पर शव तक नहीं देने की खबरें पढ़ी और सुनी होंगी। लेकिन हम आपको बताने जा रहे हैं, एक ऐसे सरकारी अस्पताल का कारनामा, जहां रिश्वक के 1500 रुपए नहीं देने पर वहां तैनात महिला स्वास्थ्यकर्मी ने नवजात बच्ची को परिजनों को सौंपने से ही इनकार कर दिया। ये पूरा मामला मुजफ्फरनगर मोरना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का है। यहां प्रसव के बाद महिला कर्मचारी द्वारा प्रसूता महिला के परिजनों से पैसे मांगने का ऑडियो सामने आया है। इस ऑडियो में साफ सुना जा सकता है कि महिला स्वास्थ्यकर्मी नवजात बच्ची के पैदा होने की खुशी पर परिजनों से किस तरह पैसे की मांग कर रही है। प्रसूता के परिजनों का आरोप है कि महिला स्वास्थ्य कर्मी ने उनसे 1500 रुपए लेने के बाद ही बच्चे को उनके हवाले किया।
मामला थाना भोपा क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोरना का है। आरोप है कि यहां महिला स्वास्थ्यकर्मी ने महिला के प्रसव के बाद प्रसूता के परिजनों से पैसे मांगे। इस दौरान किसी ने इस वार्तालाप का ऑडियो रिकॉर्डकर वायरल कर दिया। इस ऑडियो टेप में साफ सुना जा सकता है कि महिला स्वास्थ्यकर्मी मरीज के परिजनों से पैसे देने की मांग कर रही है। साथ ही वह पैसे देने पर भविष्य में भी काम पड़ने पर मदद का आश्वासन देती सुनी जा सकती है। पीड़ित परिवार ने बताया कि रिश्वत के 1500 रुपए न देने पर नवजात को परिजनों को नहीं दिया गया, जिसके बाद मजबूरी में इस गरीब परिवार कही और से 1500 रुपये की व्यवस्था करके देना पड़ा। तब जाकर स्वास्थ्यकर्मी ने पैसे लेकर नवजात को उन्हें सौंपा ।
कस्बा भोकरहेही के हरिजन चौक निवासी शिवकुमार पत्नी पुष्पा प्रसव पीड़ा होने पर रात के समय 102 एम्बुलेंस से सरकारी अस्पताल में भर्ती हुई थी, जहां पुष्पा ने सुबह सवेरे बेटी को जन्म दिया। प्रसव के उपरांत महिला स्वास्थ्यकर्मी यसोदा पाल पर 2100 रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है जिस पर गरीब परिवार ने गरीब होने का वास्ता दिया किंतु महिला डॉक्टर ने पहले पैसे फिर बच्चा देने की बात कही घबराकर पीड़ित परिवार ने पैसे उधार लेकर महिला स्वास्थ्यकर्मी को दिए। इस दलित परिवार द्वारा बनाया वीडियो वायरल हुआ तो मोरना के चिकित्सा प्रभारी अर्जुन सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। उच्चाधिकारियों को बता दिया गया है। जांच के बाद मामले में कठोर कार्रवाई की जाएगी।