कैदी की मौत के बाद परिजनों ने लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की।
मुज़फ्फरनगर। जिला जेल में बंद एक क़ैदी की अस्पताल में उपचार दौरान मौत हो गयी। घटना के बाद कैदी के परिवार में कोहराम मच गया है और परिवार वालों ने जेल अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप लगाया है। साथ ही परिजनों ने लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। वहीं मृतक क़ैदी अजमल के बेटे खुशाल ने बताया की वो चरथावल थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं । गैंगस्टर 307 मामले में वो और उसके पिता मृतक अजमल जिला कारागार में लगभग पिछले एक महीने से बंद थे।
जेल में बिगड़ी थी तबीयत
मृतक कैदी के बेटे के मुताबिक उसके पिता अजमल की तबीयत जेल में ही खराब चल रही थी जिसका जेल अस्पताल में इलाज भी चल रहा था। मृतक अजमल का बेटा खुशाल कुछ दिन पहले जमानत पर छूट गया था। दो दिन पहले क़ैदी अजमल की तबीयत ज्यादा ख़राब होने पर जेल प्रसाशन ने इलाज के लिए अजमल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर इलाज दौरान अजमल की मौत हो गयी। हालांकि इसके बाद मृतक क़ैदी के परिवार वालों ने जेल अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
क्या था मामला ?
मृतक के बेटे खुशहाल ने बताया कि अजमल गैंगस्टर का वारंटी था जिसने शकील के साथ मांगते मास्टर और डॉक्टर शमशाद का झगड़ा था। यही वजह था कि उन्हें झूठे मामले में दरोगा सूबेसिंह को एक लाख रुपए दिए तब जाकर उन्होंने गैंगस्टर लगाई और एक 307 का मुकदमा और लगा दिया। सब झूठे मामले थे अब यह जेल में पिछले महीने की 7 तारीख को गए थे और जिसके बाद इसके पिता का जेल में इंतकाल हो गया। पीड़ित बेटे के मुताबिक उसके पिता जेल में काफी समय से बीमार थे। लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टर ने बिल्कुल लापरवाही दिखाई। उसी लापरवाही के चले पीड़ित के पिता और कैदी अजमल की मौत हो गई।