
रामपुर। लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान कोरोना वायरस (Coronavirus) से निपटने के लिए सभी अपनी—अपनी तरह से योगदान दे रहे हैं। इसमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। अब तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश (West Uttar Pradesh) में भी कई मासूम बच्चे अपनी गुल्लक तोड़कर कोरोना से लड़ने के लिए रुपये दे रहे हैं।
डीएम ने किया ट्वीट
रामपुर (Rampur) में बीकॉम की छात्रा कुमारी अरूबा आजम ने अपनी गुल्लक से मदद की। उन्होंने और उनके सहयोगियों ने 50 हजार रुपये की धनराशि एकत्रित कर करोना वायरस से बचाव और रोकथाम के लिए दिए। रामपुर के डीएम (DM) आंजनेय कुमार सिंह ने इस नेक काम को ट्वीट (Tweet) भी किया है।
जन्मदिन पर मिले थे रुपये
अरूबा आजम के अलावा रामपुर की ही बच्ची आरना सक्सेना ने भी महत्पवूर्ण योगदान दिया। रामपुर के डीएम ने इसे भी ट्वीट किया। इसके अनुसार, कोरोना से बचाव के लिए बच्चों की पहल। कक्षा चार की छात्रा आरना सक्सेना ने अपने जन्मदिन पर प्राप्त हुई धनराशि 15 हजार रुपये कोरोना से बचाव के लिए दिए।
7 साल के समयन्त जैन भी नहीं रहे पीछे
रामपुर के अलावा मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) के बच्चों भी इस नेक काम में पीछे नहीं रहे। मुजफ्फरनगर के थाना खतौली क्षेत्र के 7 वर्षीय समयन्त जैन ने गुल्लक में जमा की गई पूंजी को मदद के लिए दिया। उन्होंने कहा, मैं गुल्लक में जमा किये गए पैसे प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा करा रहा हूं, ताकि कोरोना वायरस वैक्सीन बनाई जा सके।
अर्निका ने भी तोड़ी गुल्लक
समयन्त के अलावा मुज़फ्फरनगर के ही थाना नई मंडी कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली 8 साल की अर्निका ने अपनी गुल्लक तोड़ दी। उन्होंने अपने भाई नरेंद्र के साथ डीएम आॅफिस पहुंचकर गुल्लक में 3 साल से जमा की गई पूंजी देश के नाम दे दी।