
Sanjeev Balyan: उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर की मांग को भाजपा नेता संजीव बालियान ने समर्थन दिया है। बालियान ने कहा कि करीब 25 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश को प्रशासनिक लिहाज से संभालना मुश्किल है। उनके मुताबिक प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की भौगोलिक, भाषाई और सामाजिक परिस्थितियां भी अलग हैं।
आईएएनएस से बातचीत में संजीव बालियान ने कहा, "मैं इसका पक्षधर हूं। उत्तर प्रदेश लगभग 25 करोड़ की आबादी वाला देश का सबसे बड़ा राज्य है, जिसे प्रशासनिक दृष्टि से एक साथ संभालना काफी कठिन है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों की भाषा, संस्कृति और क्षेत्रीय जरूरतें अलग हैं-जैसे बुंदेलखंड, पूर्वी यूपी और पश्चिमी यूपी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पंजाब से अलग होकर बने हरियाणा और हिमाचल प्रदेश तथा यूपी से अलग होकर बने उत्तराखंड का विकास तेजी से हुआ है। इसी तरह झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे छोटे राज्यों की भी विकास दर बढ़ी है। भाजपा नेता ने कहा कि छोटे राज्यों के गठन से प्रशासनिक सुविधाओं को लोगों के करीब पहुंचाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा, "छोटे प्रदेश होने चाहिए, मैं उनकी बात का स्वागत करता हूं।"
पश्चिम यूपी की समस्याओं को रेखांकित करते हुए बालियान ने स्वास्थ्य और न्याय व्यवस्था की दूरी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश की 25 करोड़ आबादी के लिए रायबरेली और गोरखपुर में दो एम्स हैं, लेकिन पश्चिमी यूपी से गोरखपुर 800 किलोमीटर और रायबरेली 750 किलोमीटर दूर है, जिसका फायदा स्थानीय लोगों को नहीं मिल पाता। इसी तरह इलाहाबाद हाई कोर्ट की दूरी मुजफ्फरनगर/पश्चिमी यूपी से 800 किलोमीटर है।
उन्होंने कहा कि अगर राज्य छोटे होंगे तो आम जनता को स्वास्थ्य, शिक्षा और न्याय जैसी बुनियादी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होंगी। जब जनता की ओर से अलग राज्य की मांग उठेगी, तो सरकारों को भी इसे मानना पड़ेगा। बालियान ने कहा कि वर्तमान में पश्चिमी उत्तर प्रदेश को न तो सुलभ न्याय मिल पा रहा है और न ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, "पूर्वांचल में बहुत बड़ी आबादी है और सबसे अहम बात यह है कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है। आज, कल या परसों, कभी न कभी इसका बंटवारा तो होना ही है। जिस दिन उत्तर प्रदेश चार हिस्सों में बंटेगा, पूर्वांचल की आबादी को देखते हुए और हम जिसके साथ भी गठबंधन करेंगे, यह पक्का है कि पूर्वांचल का पहला मुख्यमंत्री राजभर समुदाय का ही कोई बेटा होगा।"