
राकेश टिकैत और जयन्त चौधरी। (फाइल फोटो)
Rakesh Tikait Jayant Chaudhary Meeting:मुजफ्फरनगर की किसान राजनीति में एक-दूसरे के साथ लंबे समय तक नजर आने वाले राकेश टिकैत और जयंत चौधरी एक बार फिर साथ दिखे हैं। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत और गौरव टिकैत ने सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय राज्यमंत्री और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) अध्यक्ष जयंत चौधरी से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर सिंह चौधरी भी मौजूद रहे।
टिकैत परिवार की ओर से इस मुलाकात को सिर्फ शिष्टाचार भेंट बताया गया है। राकेश टिकैत के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री के साथ जयंत चौधरी से मुलाकात हुई। वहीं गौरव टिकैत ने भी कहा कि बैठक में सामाजिक मुद्दों पर ही बातचीत हुई और किसी राजनीतिक या किसान आंदोलन से जुड़े विषय पर चर्चा नहीं हुई। हालांकि, पश्चिमी यूपी की सियासत में इस मुलाकात के मायने निकाले जाने लगे हैं। इसकी बड़ी वजह जयंत चौधरी और टिकैत परिवार के पुराने राजनीतिक रिश्ते हैं।
जयंत चौधरी के NDA में शामिल होने से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में रालोद और टिकैत परिवार कई मौकों पर एक साथ नजर आते थे। विधानसभा चुनाव से पहले जयंत चौधरी सिसौली पहुंचे थे और उन्होंने किसान नेता चौधरी नरेश टिकैत से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया था। लेकिन बाद में रालोद के भाजपा के साथ गठबंधन करने के बाद दोनों पक्षों के बीच पहले जैसी नजदीकी दिखाई नहीं दी। कई मौकों पर बिना नाम लिए एक-दूसरे पर राजनीतिक तंज भी देखने को मिले।
गठबंधन के बाद चौधरी नरेश टिकैत की एक टिप्पणी ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। उन्होंने जयंत चौधरी की ओर इशारा करते हुए उन्हें 'हलवाई का ततैया' कहा था। इसके जवाब में जयंत चौधरी ने भी तंज कसते हुए कहा था कि 'मुझे मीठा पसंद नहीं है।' बाद में राकेश टिकैत ने मामले को संभालते हुए कहा था कि 'वे सब एक हैं।' यानी दोनों पक्षों के बीच रिश्तों को लेकर चर्चाएं पहले भी होती रही हैं।
ऐसे राजनीतिक बैकग्राउंड के बीच दिल्ली में राकेश और गौरव टिकैत की जयंत चौधरी से मुलाकात ने एक बार फिर चर्चाओं को जन्म दे दिया है। हालांकि टिकैत परिवार ने साफ कर दिया है कि यह कोई राजनीतिक बैठक नहीं थी। गौरव टिकैत के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री को अपने राज्य से जुड़े कुछ मुद्दों पर जयंत चौधरी से बातचीत करनी थी। इसी सिलसिले में वे उनके साथ पहुंचे थे। उनके मुताबिक बैठक में केवल सामाजिक विषयों पर चर्चा हुई। फिलहाल, मुलाकात को लेकर राजनीतिक अटकलें जरूर शुरू हो गई हैं, लेकिन दोनों पक्षों की तरफ से इसे किसी नए राजनीतिक समीकरण या किसान आंदोलन से जोड़ने की पुष्टि नहीं की गई है।
Updated on:
09 Sept 2026 06:08 pm
Published on:
09 Sept 2026 06:08 pm
