
मुजफ्फरनगर में 2013 दंगों की बरसी पर लगे विवादित पोस्टर, photo: IANS
Muzaffarnagar Riot Posters: भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी के आसपास शहर में लगाए गए विवादित पोस्टरों और सहारनपुर में मस्जिद से जुड़ी हालिया कार्रवाई को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उनका आरोप है कि विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक लाभ के लिए सांप्रदायिक मुद्दों को फिर हवा दी जा रही है।
2013 के दंगों को 13 साल पूरे होने के मौके पर मुजफ्फरनगर में कुछ ऐसे पोस्टर सामने आए, जिन पर दंगों से जुड़ी भावनाओं को उकसाने वाले संदेश होने का दावा किया जा रहा है। राकेश टिकैत ने सवाल उठाया कि आखिर इन पोस्टरों को छपवाया किसने और लगाया किसने। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की गहनता से जांच हो और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। टिकैत ने यह भी कहा कि इतनी संवेदनशील जगह पर पोस्टर लगने के बावजूद प्रशासन को भनक तक न लगना भी जांच का विषय है, और इशारों में प्रशासनिक मिलीभगत की आशंका जताई।
टिकैत के अनुसार, इन पोस्टरों के पीछे मंशा यही है कि 2013 के दंगों की कड़वी यादें फिर ताज़ा की जाएं ताकि इसका सीधा राजनीतिक फायदा उठाया जा सके। हालांकि उन्होंने विश्वास जताया कि मुजफ्फरनगर की जनता अब इस तरह के मुद्दों के बहकावे में नहीं आएगी, क्योंकि 2013 के अनुभव से लोगों ने काफी कुछ सीखा है और अब वे विकास व अन्य जमीनी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।
सहारनपुर में मस्जिद से जुड़ी एक कार्रवाई के दौरान एक पुराने कुएं के सामने आने के दावे पर भी राकेश टिकैत ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अब चुनाव के दौरान इस कुएं को लेकर चर्चा शुरू होगी और धीरे-धीरे इसके इर्द-गिर्द धार्मिक गतिविधियां बढ़ाने की कोशिश हो सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि वाकई कोई पुराना ढांचा सामने आया है, तो उसकी सच्चाई की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन उसे चुनावी हथियार बनाना सही नहीं है।
राकेश टिकैत ने चुनावी राजनीति की तुलना खिलाड़ियों की तैयारी से करते हुए कहा कि जिस तरह खिलाड़ी प्रतियोगिता से पहले अभ्यास शुरू करते हैं, उसी तरह चुनाव नज़दीक आते ही कुछ राजनीतिक दल अपने पुराने मुद्दों की "प्रैक्टिस" शुरू कर देते हैं। उनका आरोप है कि भाजपा के लिए हिंदू-मुस्लिम और मस्जिद जैसे विषय चुनावी राजनीति का अहम हिस्सा बन चुके हैं, जिनके ज़रिए राजनीतिक ऊर्जा जुटाने की कोशिश की जाती है। उन्होंने मुजफ्फरनगर की जनता से अपील की कि वे पुराने अनुभवों से सबक लेते हुए किसी भी तरह के सांप्रदायिक ध्रुवीकरण से दूर रहें।
Updated on:
09 Sept 2026 03:32 am
Published on:
09 Sept 2026 03:32 am
